Lucknow Shiva Sharma Murder Case: कारोबारी की मौत से मचा हड़कंप, लिव-इन पार्टनर श्रद्धा दुबे समेत तीन की तलाश

लखनऊ: उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में कारोबारी शिवा शर्मा की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत का मामला लगातार चर्चा में है। हजरतगंज इलाके में हुई इस घटना के बाद पुलिस जांच में जुटी है। मामले में शिवा की लिव-इन पार्टनर बताई जा रही श्रद्धा दुबे समेत तीन लोगों की तलाश की जा रही है। पुलिस ने तीनों की गिरफ्तारी के लिए 25-25 हजार रुपये का इनाम घोषित किया है।
यह मामला अवध ग्रीन अपार्टमेंट से जुड़ा है, जहां शिवा शर्मा कथित तौर पर मॉडल श्रद्धा दुबे के साथ रह रहे थे। 9 अक्टूबर की शाम शिवा अपार्टमेंट की चौथी मंजिल से नीचे गिर गए थे। गंभीर हालत में मिले शिवा की मौत हो गई। घटना के बाद से ही यह सवाल उठने लगा कि आखिर उस दिन अपार्टमेंट में क्या हुआ था और कारोबारी की मौत किन परिस्थितियों में हुई।
चौथी मंजिल से गिरने के बाद हुई कारोबारी की मौत
जानकारी के मुताबिक, घटना हजरतगंज के बालू अड्डा स्थित अवध ग्रीन अपार्टमेंट में हुई। शिवा शर्मा के नीचे गिरने की आवाज सुनकर आसपास के लोग मौके पर पहुंचे। बताया गया कि उस समय शिवा गंभीर रूप से घायल थे। उनकी मौत के बाद मामले ने तूल पकड़ लिया।
शिवा शर्मा कारोबारी थे और चिकन शॉप के साथ आंगन कैफे से भी जुड़े हुए थे। बताया जाता है कि वह पिछले करीब चार महीने से श्रद्धा दुबे के साथ लिव-इन रिलेशनशिप में रह रहे थे। हालांकि, घटना के पीछे की वास्तविक वजह और मौत से जुड़ी परिस्थितियों का निर्धारण जांच के बाद ही हो सकेगा।
श्रद्धा दुबे समेत तीन लोगों की तलाश
शिवा की मां की शिकायत के आधार पर पुलिस ने हत्या का मामला दर्ज किया है। इस मामले में श्रद्धा दुबे को मुख्य आरोपी बताया गया है। उसके अलावा उसकी बहन रश्मि दुबे और तनवीर अली उर्फ दानिश के नाम भी सामने आए हैं।
पुलिस ने तीनों आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए 25-25 हजार रुपये का इनाम घोषित किया है। हजरतगंज थाने में दर्ज मुकदमे का नंबर 216/2026 बताया गया है। मामला भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 103(1) के तहत दर्ज किया गया है।
पुलिस आरोपियों की तलाश के साथ ही घटना से पहले और बाद की गतिविधियों की पड़ताल कर रही है। कॉल डिटेल और आपसी संपर्कों की जांच भी की जा रही है। हालांकि, आरोपियों के संभावित ठिकाने को लेकर सामने आ रही खबरों की आधिकारिक पुष्टि जरूरी है।
पैसों को लेकर विवाद की भी चर्चा
मीडिया रिपोर्टों में दावा किया गया है कि शिवा शर्मा और श्रद्धा दुबे के बीच पैसों को लेकर विवाद होता था। बताया जा रहा है कि शिवा ने श्रद्धा के खर्चों के लिए अलग-अलग जगहों से पैसे उधार लिए थे। दोनों के बीच शादी को लेकर मतभेद होने की बात भी कही गई है।
हालांकि, इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। पुलिस जांच में यह स्पष्ट होना बाकी है कि कथित आर्थिक विवाद का घटना से कोई संबंध था या नहीं। इसलिए इन बातों को फिलहाल जांच के दायरे में शामिल दावों के रूप में ही देखा जाना चाहिए।
घर से मिले सामान की भी जांच
घटना के बाद पुलिस ने संबंधित परिसर से कुछ सामान बरामद किए जाने की बात कही है। मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, इनमें विदेशी ब्रांड की सिगरेट और शराब की बोतलों सहित अन्य वस्तुएं शामिल थीं। पुलिस ने कथित तौर पर बरामद सामान को जांच के लिए अपने कब्जे में लिया है।
हालांकि, किसी व्यक्ति की निजी जीवनशैली या घर से मिले सामान के आधार पर अपराध में उसकी भूमिका तय नहीं की जा सकती। मामले में आरोपों की पुष्टि साक्ष्यों और जांच के निष्कर्षों के आधार पर ही होगी।
लिव-इन रिलेशनशिप फिर चर्चा में
शिवा शर्मा की मौत के मामले ने लिव-इन रिलेशनशिप को लेकर एक बार फिर बहस छेड़ दी है। इससे पहले भी देश में ऐसे कई मामले सामने आए हैं, जिनमें निजी संबंधों के बीच विवाद के बाद हिंसक घटनाएं हुईं।
2022 में श्रद्धा वालकर हत्याकांड और 2023 में निक्की यादव हत्याकांड ने देशभर में सुर्खियां बटोरी थीं। इन मामलों में भी पार्टनर पर हत्या के आरोप लगे थे। हालांकि, अलग-अलग घटनाओं की परिस्थितियां अलग होती हैं और किसी एक घटना के आधार पर सभी लिव-इन संबंधों के बारे में निष्कर्ष निकालना उचित नहीं है।
भारतीय संविधान का अनुच्छेद 21 जीवन और व्यक्तिगत स्वतंत्रता की रक्षा करता है। वयस्कों के सहमति से साथ रहने के अधिकार को भी कानूनी संरक्षण प्राप्त है। लेकिन किसी भी रिश्ते में हिंसा या अपराध के आरोप सामने आने पर कानून के अनुसार जांच और कार्रवाई जरूरी है।
पुलिस जांच पर टिकी नजरें
फिलहाल शिवा शर्मा की मौत के मामले में पुलिस की जांच और फरार बताए जा रहे आरोपियों की गिरफ्तारी अहम है। जांच से यह स्पष्ट होने की उम्मीद है कि घटना के समय क्या परिस्थितियां थीं और इसमें किन लोगों की क्या भूमिका रही।
जब तक जांच और न्यायिक प्रक्रिया के जरिए आरोप साबित नहीं होते, तब तक किसी भी आरोपी को दोषी मानना उचित नहीं होगा। इस मामले में आगे आने वाले आधिकारिक तथ्यों और पुलिस की कार्रवाई पर नजर बनी हुई है।



