एग्रीस्टेक की अनिवार्यता खत्म करने का AAP ने किया स्वागत, धान खरीदी 1 नवंबर से शुरू करने की मांग

रायपुर। आम आदमी पार्टी (AAP) ने एग्रीस्टेक की अनिवार्यता खत्म किए जाने का स्वागत करते हुए राज्य सरकार से PV ऐप की तकनीकी खामियों को दूर करने, किसानों को कांग्रेस सरकार के कार्यकाल का बकाया बोनस जारी करने और धान खरीदी 1 नवंबर से शुरू करने की मांग की है। पार्टी ने चेतावनी दी है कि मांगों पर जल्द निर्णय नहीं लेने पर किसानों के साथ मिलकर प्रदेशव्यापी आंदोलन किया जाएगा।
आम आदमी पार्टी के मुख्य प्रवक्ता सूरज उपाध्याय, प्रदेश प्रवक्ता एवं प्रदेश अध्यक्ष कर्मचारी विंग विजय झा, प्रदेश मीडिया प्रभारी मिहिर कुर्मी और रायपुर लोकसभा अध्यक्ष अजीम खान ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर किसानों से जुड़े मुद्दे उठाए। आप नेताओं ने कहा कि एग्रीस्टेक की तकनीकी खामियों के कारण प्रदेश के हजारों किसान धान बेचने से वंचित रह जाते थे। पार्टी पिछले एक साल से किसान सभाओं, आंदोलनों और ज्ञापनों के माध्यम से इन समस्याओं को उठाती रही है। नेताओं ने कहा कि सरकार के फैसले से किसानों को राहत मिलने की उम्मीद है।

PV ऐप की खामियों से किसान और पटवारी परेशान: AAP
आप नेताओं ने फसल सत्यापन (खरीफ गिरदावरी) और राजस्व कार्यों में इस्तेमाल किए जा रहे PV ऐप तथा भुइंया पोर्टल की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि ग्रामीण और दूरदराज के इलाकों में इंटरनेट नेटवर्क की कमी के कारण ऐप पर डेटा अपलोड और सिंक करने में परेशानी होती है। वहीं, सर्वर और सॉफ्टवेयर की तकनीकी समस्याओं के चलते ऐप बार-बार हैंग हो जाता है।
पार्टी के मुताबिक, सटीक जियो-लोकेशन नहीं मिलने से खसरे की सही स्थिति दर्ज करने में दिक्कत आती है। ऐप के नियमों के तहत खेत के चारों कोनों से फोटो अपलोड करना भी अनिवार्य है। खेतों में पानी भरा होने, फसल बड़ी हो जाने और पुराने नक्शों में विसंगतियों के कारण ऐसा करना कई बार व्यावहारिक रूप से मुश्किल हो जाता है।
आप नेताओं ने आरोप लगाया कि तकनीकी बाधाओं के बावजूद काम पूरा नहीं होने पर पटवारियों को कारण बताओ नोटिस और निलंबन जैसी कार्रवाई का सामना करना पड़ रहा है। इन समस्याओं के विरोध में पटवारी संघ द्वारा हड़ताल किए जाने का भी उन्होंने उल्लेख किया।
धान खरीदी प्रभावित होने की जताई आशंका
AAP नेताओं ने कहा कि फसल सत्यापन में देरी और तकनीकी खामियों के कारण किसानों को समर्थन मूल्य पर धान बेचने में परेशानी हो सकती है। उन्होंने सरकार से समय रहते व्यवस्था में सुधार करने की मांग की। नेताओं ने पिछले वर्ष किसानों की आत्महत्या की घटनाओं का उल्लेख करते हुए कहा कि किसानों की समस्याओं को गंभीरता से लिया जाना चाहिए और ऐसी परिस्थितियों की पुनरावृत्ति रोकने के लिए सरकार को तत्काल कदम उठाने चाहिए।
बकाया बोनस और बढ़ी MSP की राशि देने की मांग
पार्टी ने आरोप लगाया कि कांग्रेस सरकार के कार्यकाल का किसानों का बकाया बोनस अब तक जारी नहीं किया गया है, जबकि इसके लिए फंड रिलीज होने की बात कही गई थी। इसके साथ ही आप नेताओं ने केंद्र सरकार द्वारा पिछले तीन वर्षों में न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) में की गई बढ़ोतरी का लाभ किसानों को देने की मांग की।
AAP नेताओं का कहना है कि धान खरीदी में किसानों को मिलने वाली राशि में बढ़ी हुई MSP का लाभ भी शामिल किया जाना चाहिए। पार्टी ने इस संबंध में धान की कीमत 3,358 रुपये प्रति क्विंटल करने की मांग रखी।
AAP की सरकार से चार प्रमुख मांगें
आम आदमी पार्टी ने राज्य सरकार के सामने चार मांगें रखीं:
- PV ऐप की समस्याओं का समाधान: पटवारियों की जायज मांगें तत्काल मानी जाएं और PV ऐप के माध्यम से जबरन काम कराने के बजाय पहले की तरह भुइंया पोर्टल से काम करने की सुगम व्यवस्था बहाल की जाए।
- बकाया बोनस का भुगतान: कांग्रेस सरकार के कार्यकाल का लंबित बोनस किसानों को जल्द जारी किया जाए।
- MSP बढ़ोतरी का लाभ: केंद्र सरकार द्वारा पिछले तीन वर्षों में MSP में की गई बढ़ोतरी का लाभ जोड़कर किसानों से 3,358 रुपये प्रति क्विंटल की दर से धान खरीदा जाए।
- समय पर धान खरीदी: किसानों को परेशानी से बचाने और समय पर धान बेचने का अवसर देने के लिए 1 नवंबर से धान खरीदी शुरू की जाए।
मांगें नहीं मानीं तो प्रदेशव्यापी आंदोलन की चेतावनी
AAP नेताओं ने कहा कि किसानों की समस्याओं का समाधान करना सरकार की जिम्मेदारी है। उन्होंने मांग की कि PV ऐप की तकनीकी खामियों को दूर करने, बकाया बोनस जारी करने और धान खरीदी की व्यवस्था समय पर सुनिश्चित करने के लिए सरकार तत्काल निर्णय ले। पार्टी ने चेतावनी दी कि यदि इन मांगों पर जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो आम आदमी पार्टी किसानों के साथ मिलकर प्रदेशभर में बड़ा आंदोलन करेगी।



