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खराब चमक वाले गेहूं की खरीद समेत कई फैसले, मध्यप्रदेश में किसानों के लिए नई व्यवस्थाओं और योजनाओं पर जोर

मध्यप्रदेश में किसानों को राहत देने के उद्देश्य से गेहूं खरीद के मानकों में कुछ बदलाव किए गए हैं। राज्य सरकार ने ऐसे गेहूं की खरीद की अनुमति दी है, जिसमें चमक की गुणवत्ता पहले निर्धारित मानकों से कम हो सकती है। इसके साथ ही कम विकसित और क्षतिग्रस्त दानों की सीमा में भी वृद्धि की गई है। इन परिवर्तनों का उद्देश्य फसल की गुणवत्ता से जुड़े मुद्दों के कारण किसानों को होने वाले नुकसान को कम करना बताया जा रहा है। सरकार द्वारा कृषि क्षेत्र में अन्य पहलुओं पर भी ध्यान दिया जा रहा है। भूमि अधिग्रहण से जुड़े मामलों में मुआवजे की व्यवस्था में बदलाव किए गए हैं, जिससे किसानों को अधिक आर्थिक लाभ मिल सके। इसके अलावा दलहन और तिलहन फसलों के उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए न्यूनतम समर्थन मूल्य और बोनस जैसी व्यवस्थाओं का उल्लेख किया गया है।

कृषि के साथ-साथ सिंचाई और ऊर्जा से जुड़े उपायों पर भी काम किया जा रहा है। किसानों को सोलर पंप उपलब्ध कराने और बिजली आपूर्ति को बेहतर बनाने की योजनाओं का उद्देश्य खेती को अधिक टिकाऊ बनाना है। उर्वरकों की उपलब्धता और वितरण प्रणाली में सुधार के लिए भी कदम उठाए गए हैं, जिससे किसानों को आवश्यक संसाधन समय पर मिल सकें।

इसके अलावा डेयरी क्षेत्र को भी आय के वैकल्पिक स्रोत के रूप में बढ़ावा देने पर जोर दिया जा रहा है। राज्य में दुग्ध उत्पादन बढ़ाने और इससे जुड़े किसानों को आर्थिक लाभ देने के लिए विभिन्न योजनाएं लागू की गई हैं। साथ ही किसानों को प्रत्यक्ष आर्थिक सहायता प्रदान करने वाली योजनाएं भी संचालित की जा रही हैं। इन सभी पहलों के माध्यम से कृषि क्षेत्र को मजबूत करने और किसानों की आय में स्थिरता लाने की दिशा में प्रयास किए जा रहे हैं।

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