बढ़ती उम्र की रफ्तार को धीमा करने में मदद कर सकते हैं ये 3 योगासन, भीतर से आएगा निखार

हर महिला अपनी उम्र से कम की दिखना चाहती हैं, लेकिन यह इस बात पर निर्भर करती है कि आप कितना एक्टिव रहती हैं। ज्यादातर लोगों को जैसे ही कुछ सफेद बाल या झुर्रियां दिखती हैं, वे महंगे क्रीम, सप्लीमेंट्स और ट्रीटमेंट शुरु कर देते हैं।
जब कि इसमें आपकी मदद योग कर सकता है। योग के नियमित अभ्यास से ब्लड सर्कुलेशन बेहतर होता है, जोड़ों में लचीलापन बना रहता है, मांसपेशियां मजबूत होती हैं और नर्वस सिस्टम शांत रहता है। यही उम्र बढ़ने के साथ भी अच्छी सेहत और सुंदरता बनाए रखने का असली आधार है।
यहाँ हम ऐसे तीन असरदार आसन बता रहे हैं, जो बढ़ती उम्र की प्रक्रिया को कम करते हैं।
कौन से हैं वो आसन
त्रिकोणासन
त्रिकोणासन पूरे शरीर को खिंचाव और मजबूती प्रदान करता है। इसके नियमित अभ्यास से संतुलन में सुधार होता है।
त्रिकोणासन कैसे करें
- इसे करने के लिए पैरों को फैलाकर खड़े हो जाएं।
- अपने दाहिने पैर को बाहर की ओर मोड़ें।
- दोनों हाथों को बगल में फैलाएं।
- अपने दाहिने हाथ के घुटने को मोड़े। पिंडली या टखने की ओर ले जाने का प्रयास न करें।
- अपने बाएं हाथ को ऊपर की ओर फैलाएं।
- 5 से 8 सांसों तक रुकें।
- दूसरी तरफ से भी दोहराएं।

त्रिकाणासन (फोटो.एआई)
फायदे
- रीढ़ की हड्डी के लचीलेपन में सुधार करता है।
- संतुलन बढ़ाता है।
- पाचन को उत्तेजित करता है।
- ब्लड सर्कुलेशन में सुधार करता है।
- फ्लेक्सिबल बॉडी ही यंग बॉडी का प्रतीक होता है।
भुजंगासन
खराब पॉश्चर की वजह से शरीर अपनी उम्र से अधिक बूढ़ा लगने लगता है। यह एक आसान आसन है, जिसे करके आप अपने कंधों को ठीक कर सकते हैं। इशसे कंधों की जकड़न चली जाती है।
भुजंगासन कैसे करें
- पेट के बल लेट जाएं।
- अपनी हथेलियों को छाती के पास रखें।
- सांस लें और धीरे-धीरे अपनी छाती को ऊपर उठाएं।
- अपनी कोहनियों को ढीला और कंधों को आरामदायक स्थिति में रखें।
- 5 से 8 बार सांस लेने तक इसी स्थिति में बने रहें।Anti-Ageing Yoga

भुजंगासन (फोटो.एआई)
फायदे
- यह आपकी रीढ़ की हड्डी को मज़बूत बनाता है।
- यह आपकी छाती को खोलता है।
- यह आपके पॉश्चर को बेहतर बनाता है।
- यह आपके एनर्जी लेवल को बढ़ाता है।
- ऊपर उठी हुई छाती सिर्फ आपके लुक को ही बेहतर नहीं बनाती, बल्कि आपके सांस लेने, और आपके सोचने की क्षमता को भी बदलती है।
अधोमुख श्वान आसन
यह आसन में हाथ, कलाई, कंधे और पैरों की मांसपेशियां टोन होकर मजबूत होती है। इसमें सिर हृदय के नीचे होता है, जिससे मस्तिष्क की ओर ब्लड फ्लो बेहतर होता है। यह सिरदर्द, अनिद्रा व बेचैनी को दूर करने में सहायक है।
अधोमुखासन कैसे करें
- इसके लिए घुटनों के बल बैठ जाएं।
- आगे की ओर झुकें और अपनी कोहनियों को सिर के सामने मैट पर पास-पास रखें।
- उन्हें एक सीध में और स्थिर रखें।
- धीरे-धीरे अपने कूल्हों को ऊपर उठाने की कोशिश करें।
- अपने पैरों को जितना हो सके सीधा करें।
- अपने सिर को आराम से सहज छोड़ दें।
- 5 से 8 बार सांस लेने तक इसी स्थिति में बने रहें।

अधोमुखासन (फोटो.एआई)
फायदे
- शरीर के ऊपरी हिस्से में ब्लड सर्कुलेशन बेहतर होता है।
- अकड़न से राहत मिलती है।
- कंधे और बाहें मजबूत होती हैं।
- नर्वस सिस्टम को ताजगी मिलती है।



