रिकॉर्ड स्तर से औंधे मुंह गिरे सोने-चांदी के दाम, चांदी 2 लाख तो सोना 50 हजार रुपये सस्ता

MCX पर आज सोने और चांदी के भाव में भारी गिरावट दर्ज की गई है। अमेरिका और ईरान के बीच नए तनाव से पैदा हुई महंगाई की चिंता इस गिरावट की बहुत बड़ी वजह मानी जा रही है। इस साल कड़ी मौद्रिक नीति और ब्याज दरों में बढ़ोतरी की उम्मीदों ने भी अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कीमती धातुओं पर दबाव बढ़ाया है। इस भू-राजनीतिक उथल-पुथल के कारण दुनिया भर के शेयर और कमोडिटी बाजारों में निवेशकों के बीच घबराहट मची हुई है।
सुबह के शुरुआती कारोबार में अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी अमेरिका और ईरान की दुश्मनी के कारण सोने की कीमतें तेजी से लुढ़क गई हैं। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा ईरान के साथ युद्ध-विराम एमओयू को खत्म घोषित करने से भारी दहशत फैल गई है। ट्रंप की कड़ी चेतावनी के बाद कि अमेरिका ईरान पर बमबारी बढ़ाएगा, सुरक्षित निवेश माने जाने वाले सोने पर भारी असर पड़ा है। इस वैश्विक संकट के बीच ब्रेंट क्रूड तेल के दाम भी 1% से अधिक बढ़कर लगभग 78 डॉलर प्रति बैरल के स्तर पर पहुंच गए हैं।
सोने का ताजा भाव
MCX पर गुरुवार सुबह 9:15 बजे के करीब अगस्त गोल्ड फ्यूचर्स में 0.30 प्रतिशत की एक बड़ी गिरावट दर्ज की गई। इस गिरावट के बाद 10 ग्राम सोने का भाव फिसलकर 1,43,275 रुपये के निचले स्तर पर आ गया है जिससे निवेशक चिंतित हैं। 29 जनवरी को सोना 1,93,096 रुपये के अपने ऐतिहासिक ऑल टाइम हाई पर पहुंच गया था जो एक बड़ा रिकॉर्ड था। तब से लेकर आज तक सोने की कीमतों में करीब 50000 रुपये तक की भारी और चौंकाने वाली गिरावट आ चुकी है।
चांदी की नई कीमत
सोने के साथ-साथ चांदी की कीमतों में भी एमसीएक्स पर आज बहुत ही ज्यादा कमजोरी का रुख साफ देखने को मिला है। सितंबर सिल्वर फ्यूचर्स 0.76 प्रतिशत टूटकर 2,21,749 रुपये प्रति किलोग्राम के स्तर पर भारी गिरावट के साथ कारोबार कर रहा था। एमसीएक्स पर चांदी का ऑल टाइम हाई भाव कभी 4,20,048 रुपये प्रति किलोग्राम के सबसे ऊंचे स्तर पर दर्ज किया गया था। अपने उस ऐतिहासिक हाई स्तर से चांदी की कीमतों में अब तक लगभग 2 लाख रुपये की भारी गिरावट आ चुकी है।
एक्सपर्ट्स की राय और सलाह
कमोडिटी बाजार के अनुभवी एक्सपर्ट्स का स्पष्ट तौर पर मानना है कि सोने-चांदी में निवेश हमेशा भारी बाजार जोखिमों के अधीन होता है। एक्सपर्ट्स की यह साफ सलाह है कि किसी भी तरह का निवेश करने से पहले निवेशकों को अपने एक्सपर्ट से बात करनी चाहिए। मौद्रिक नीति सख्त होने और ब्याज दरें बढ़ने के कारण सोने जैसी बिना ब्याज वाली संपत्ति की कीमतें हमेशा गिर जाती हैं। निवेशकों को ईरान-अमेरिका के ताजा तनाव और क्रूड तेल की बढ़ती कीमतों के बीच बाजार में बहुत ज्यादा सतर्कता बरतनी चाहिए।



