Russia Ukraine War: यूक्रेन में राहत सामग्री बांट रहे स्कूल पर रूसी हमला, 40 लोगों की मौत से मचा हड़कंप; इजरायल ने की निंदा

कीव। रूस और यूक्रेन के बीच जारी युद्ध के बीच एक बार फिर आम नागरिकों पर हमले का मामला सामने आया है। यूक्रेन के जापोरिजिया क्षेत्र के कोमिशुवाखा गांव में राहत सामग्री बांटने के लिए इस्तेमाल किए जा रहे एक स्कूल पर रूसी हवाई हमला हुआ। इस भीषण हमले में अब तक 40 लोगों की मौत होने की खबर है, जबकि कई लोग अभी भी लापता बताए जा रहे हैं। घटना के बाद इलाके में राहत और बचाव अभियान चलाया जा रहा है। इस हमले की इजरायल ने भी कड़ी निंदा की है।
राहत केंद्र बने स्कूल को बनाया निशाना
यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर हमले की जानकारी साझा की। उन्होंने बताया कि रूस ने जापोरिजिया क्षेत्र के कोमिशुवाखा गांव में भीषण बमबारी की। जिस स्कूल पर हमला हुआ, वहां स्थानीय लोगों को मानवीय सहायता और राहत सामग्री उपलब्ध कराई जा रही थी।
बताया गया कि सोमवार सुबह से ही इलाके में हवाई हमले किए जा रहे थे। शुरुआती जानकारी में 18 लोगों की मौत की पुष्टि हुई थी, लेकिन बाद में मृतकों की संख्या बढ़कर 40 तक पहुंच गई। कई लोगों के लापता होने की आशंका है।
रूस ने दागे नौ और बम, बचाव अभियान जारी
राष्ट्रपति जेलेंस्की के मुताबिक, शुरुआती बमबारी के बाद रूसी सेना ने दोबारा हमला किया और नौ अतिरिक्त बम गिराए। इस दौरान एक आश्रय स्थल को भी निशाना बनाया गया, जहां लोग मौजूद थे।
हमले के बाद घटनास्थल पर मलबा फैल गया और कई लोगों के उसके नीचे दबे होने की आशंका जताई गई। सेना, आपातकालीन सेवाओं और बचाव दल की टीमें लगातार तलाशी अभियान चला रही हैं। राहतकर्मी घायलों को बाहर निकालने और लापता लोगों की तलाश में जुटे हैं।
इजरायल ने जताया दुख, रूस के हमले की निंदा
कोमिशुवाखा में हुए हमले पर इजरायल के विदेश मंत्रालय ने भी प्रतिक्रिया दी है। मंत्रालय ने एक्स पर पोस्ट कर घटना पर गहरा दुख जताया और हमले की निंदा की।
इजरायल के विदेश मंत्रालय ने कहा कि मानवीय सहायता बांटने वाले स्कूल सहित नागरिक ठिकानों को निशाना बनाए जाने की खबर बेहद दुखद है। मंत्रालय ने मृतकों के परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त की और घायलों के जल्द स्वस्थ होने की कामना की।
जेलेंस्की ने रूस पर उठाए गंभीर सवाल
यूक्रेन के राष्ट्रपति जेलेंस्की ने रूस की सैन्य कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए कहा कि यह संभव नहीं है कि रूसी पक्ष को इस बात की जानकारी न हो कि कोमिशुवाखा के लोगों को हर सप्ताह मानवीय सहायता दी जाती है।
उन्होंने आरोप लगाया कि इस तरह के हमले दिखाते हैं कि रूस तनाव कम करने, शांति की दिशा में आगे बढ़ने या न्यायपूर्ण समाधान निकालने के लिए गंभीर नहीं है।
रूस-यूक्रेन युद्ध के बीच नागरिकों की सुरक्षा पर चिंता
राहत सामग्री बांटने वाले केंद्र पर हुए इस हमले ने युद्ध प्रभावित इलाकों में आम नागरिकों की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ा दी है। स्कूल और आश्रय स्थल जैसे स्थानों पर हमलों की खबरों के बीच अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं।
फिलहाल कोमिशुवाखा में राहत और बचाव अभियान जारी है। लापता लोगों की तलाश की जा रही है और मृतकों की संख्या में बदलाव की आशंका बनी हुई है।


