Rahul Gandhi On Gokul Doodh Sangh: गोकुल दूध संघ विवाद पर राहुल गांधी का BJP पर हमला, बोले- चुनाव के बाद बदले नियम, जनादेश में की गई हेराफेरी

मुंबई। महाराष्ट्र के कोल्हापुर स्थित गोकुल दूध उत्पादक संघ को लेकर सियासी विवाद गहराता जा रहा है। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने इस मामले में भारतीय जनता पार्टी पर निशाना साधते हुए जनादेश के साथ खिलवाड़ करने का आरोप लगाया है। राहुल गांधी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट साझा कर कहा कि दूध उत्पादकों ने चुनाव में बीजेपी को हराया, लेकिन इसके बाद नियमों में बदलाव कर बहुमत को प्रभावित करने की कोशिश की गई।
राहुल गांधी ने BJP पर लगाए गंभीर आरोप
राहुल गांधी ने अपने पोस्ट में लिखा कि गोकुल में दूध उत्पादकों ने बीजेपी को चुनाव में हरा दिया, जिसके बाद चुनावी नतीजों के बाद नियम बदल दिए गए। उन्होंने आरोप लगाया कि चार निदेशकों को शामिल करने और बोर्ड में सदस्यों की संख्या 12 से बढ़ाकर 16 करने के जरिए बहुमत बदलने की कोशिश की जा रही है।
कांग्रेस नेता ने इसे दूध उत्पादकों के वोट की चोरी और जनादेश में मिलावट करार दिया। उन्होंने बीजेपी पर सत्ता बचाने के लिए किसी भी हद तक जाने का आरोप लगाते हुए कहा कि किसानों के वोट का अपमान करने वालों को यह याद रखना चाहिए कि किसान सब कुछ याद रखता है।
पवन खेड़ा ने भी महाराष्ट्र सरकार को घेरा
इस मामले में कांग्रेस नेता पवन खेड़ा ने भी महाराष्ट्र सरकार पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार कानूनी बदलावों का सहारा लेकर गोकुल मिल्क फेडरेशन के निर्वाचित बोर्ड की संरचना को प्रभावित करने की कोशिश कर रही है।
पवन खेड़ा के मुताबिक, इस तरह के कदम लोकतांत्रिक जनादेश को कमजोर करते हैं। कांग्रेस नेताओं का कहना है कि चुनाव में मिले जनसमर्थन का सम्मान किया जाना चाहिए और बाद में नियम बदलकर राजनीतिक समीकरण प्रभावित नहीं किए जाने चाहिए।
गोकुल दूध संघ चुनाव में कांग्रेस समर्थित पैनल को मिली थी बढ़त
कोल्हापुर के गोकुल दूध उत्पादक संघ के चुनाव में 19 अक्टूबर को कांग्रेस के नेतृत्व वाले पैनल ने 25 में से 13 सीटों पर जीत हासिल की थी। वहीं, महायुति समर्थित पैनल को 12 सीटें मिली थीं। इस नतीजे के साथ कांग्रेस समर्थित पैनल ने बहुमत हासिल किया था।
हालांकि, चेयरमैन के चुनाव को लेकर विवाद खड़ा हो गया। बताया गया कि महायुति समर्थित निदेशकों के बैठक में शामिल नहीं होने के कारण अध्यक्ष पद का चुनाव नहीं हो सका।
बॉम्बे हाईकोर्ट तक पहुंचा मामला
गोकुल दूध संघ में चेयरमैन के चुनाव को लेकर उठा विवाद बॉम्बे हाईकोर्ट तक पहुंच गया। उपलब्ध जानकारी के मुताबिक, अदालत ने 10 नवंबर को दोबारा चुनाव कराने का निर्देश दिया था। इसके बाद इस पूरे मामले को लेकर राजनीतिक बयानबाजी और तेज हो गई।
महाराष्ट्र की राजनीति में बढ़ा टकराव
गोकुल दूध संघ का विवाद अब केवल सहकारी संस्था के चुनाव तक सीमित नहीं रह गया है। कांग्रेस इसे किसानों और दूध उत्पादकों के लोकतांत्रिक अधिकारों से जोड़ रही है, जबकि इस मामले को लेकर बीजेपी और महायुति की भूमिका पर लगातार सवाल उठाए जा रहे हैं।
राहुल गांधी के ताजा बयान के बाद महाराष्ट्र में सियासी टकराव और बढ़ने के आसार हैं। अब सबकी नजर इस बात पर है कि गोकुल दूध संघ के बोर्ड और चेयरमैन चुनाव को लेकर आगे क्या फैसला होता है।



