संसद में महायुद्ध : स्पीकर के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव की तैयारी में राहुल गांधी

नई दिल्ली । संसद के बजट सत्र में सोमवार को हालात उस वक्त बेकाबू हो गए, जब विपक्ष ने लोकसभा स्पीकर ओम बिरला के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाने का फैसला कर लिया। कांग्रेस नेता राहुल गांधी के नेतृत्व में हुई विपक्षी दलों की बैठक के बाद यह रणनीति तय की गई। हंगामे के चलते लोकसभा की कार्यवाही शुरू होते ही 12 बजे तक के लिए स्थगित करनी पड़ी।विपक्ष का आरोप है कि सदन में उसकी आवाज को लगातार दबाया जा रहा है। इसी मुद्दे पर अब टकराव सीधे स्पीकर तक पहुंच गया है।
आखिर क्यों हमलावर हुआ विपक्ष? राहुल गांधी का पूरा प्लान1. स्पीकर क्यों निशाने पर?विपक्षी खेमे का कहना है कि संसद की कार्यवाही एकतरफा चलाई जा रही है। सूत्रों के मुताबिक, राहुल गांधी सांसदों के निलंबन और महिला सांसदों से जुड़े गंभीर मामलों पर बोलना चाहते थे, लेकिन उन्हें अनुमति नहीं दी गई। विपक्ष का आरोप है कि बार-बार बोलने से रोका जाना लोकतांत्रिक मूल्यों के खिलाफ है।विपक्षी नेताओं का साफ कहना है कि अगर सदन में बात रखने का मौका नहीं मिला, तो स्पीकर के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव के अलावा कोई रास्ता नहीं बचेगा।2. अविश्वास प्रस्ताव की तैयारी, नोटिस जल्दसूत्र बताते हैं कि लगभग सभी प्रमुख विपक्षी दल इस प्रस्ताव पर एकमत हैं। लोकसभा महासचिव को जल्द ही औपचारिक नोटिस सौंपा जा सकता है। बजट सत्र के बीच यह कदम सरकार और विपक्ष के बीच टकराव को और तेज कर सकता है।संवैधानिक तौर पर, स्पीकर के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव को चर्चा के लिए स्वीकार कराने के लिए कम से कम 50 सांसदों का समर्थन जरूरी होता है।
संसद में हंगामे की एक बड़ी वजह असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा का एक विवादित वीडियो भी है। असम बीजेपी के ‘X’ हैंडल से पोस्ट किए गए इस वीडियो में सीएम एक खास टोपी पहने दो लोगों पर टिप्पणी करते नजर आए। बाद में वीडियो डिलीट कर दिया गया, लेकिन तब तक विपक्ष इसे मुद्दा बना चुका था।कांग्रेस सांसद इमरान प्रतापगढ़ी ने प्रधानमंत्री और गृहमंत्री से सीधे तौर पर सीएम सरमा के खिलाफ कार्रवाई की मांग कर दी।संसद में अब तक क्या-क्या हुआ?बिना भाषण के पारित हुआ प्रस्ताव: भारी हंगामे के कारण राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव पीएम मोदी के भाषण के बिना ही पारित करना पड़ा।12 बजे तक स्थगन: सोमवार सुबह शोर-शराबे के चलते लोकसभा की कार्यवाही रोकनी पड़ी।
संयुक्त विपक्षी बैठक: राहुल गांधी के नेतृत्व में विपक्षी दलों की अहम रणनीतिक बैठक हुई।



