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शुभमन गिल की कप्तानी में घातक स्पिनर का टेस्ट डेब्यू, विराट-रोहित को किया था परेशान; जानें कौन हैं मानव सुथार?

आज यानी 6 जून को भारत और अफगानिस्तान के बीच न्यू चंडीगढ़ के मुल्लांपुर क्रिकेट स्टेडियम में भारत और अफगानिस्तान के बीच एकमात्र टेस्ट मुकाबला खेला जा रहा है। जहां पर भारतीय कप्तान शुभमन गिल ने टॉस जीतकर बल्लेबाजी करने का फैसला किया है। इस दौरान राजस्थान के रहने वाले युवा हरफनमौला खिलाड़ी मानव सुथार ने भारत की टेस्ट टीम के डेब्यू किया। बता दें कि आईपीएल में सुथार गुजरात टाइटंस के लिए खेलते हैं।

इससे पहले BCCI सचिव देवजीत सैकिया और मुख्य चयनकर्ता अजीत अगरकर के द्वारा उन्हें पहली बार भारतीय स्क्वॉड का हिस्सा बनाया गया था। अंतत: शुभमन गिल की अगुवाई वाली टीम में अफगानिस्तान के खिलाफ सुथार को अंतिम 11 में मौका मिल ही गया। अफगानिस्तान के खिलाफ एकमात्र टेस्ट मुकाबला शुरू होने के से पहले स्पिन गेंदबाज कुलदीप यादव ने उन्हें डेब्यू टेस्ट कैप थमाई। ये इस युवा खिलाड़ी के जिंदगी का बड़ा पल साबित हुआ।

आईपीएल व घरेलू क्रिकेट के आंकड़ें

मानव सुधार आईपीएल में गुजरात टाइटंस की टीम का हिस्सा हैं। उन्होंने IPL 2026 में जीटी के लिए कुल 4 मुकाबले खेले। इस दौरान उनव्होंने दो विकेट अपने नाम किए। वहीं, सफेद बॉल क्रिकेट में मानव ने 25 लिस्ट-ए के मुकाबले खेले हैं। इस दौरान 4.41 की इकोनॉमी से वो 34 विकेट अपने नाम कर चुके हैं. 28 टी20 मुकाबलों में 7.33 की एवरेज इकोनॉमी के साथ वो 25 विकेट चटका चुके हैं।

इससे पहले साल 2022 में मानव सुथार आंध्र प्रदेश के खिलाफ अपने ग्रह राज्य राजस्थान के लिए अपना फर्स्ट क्साल डेब्यू किया था। उस वक्त उन्होंने एक विकेट भी हासिल किया था। 2022 से लेकर अब तक मानव कुल 29 फर्स्ट क्लास मुकाबले खेल चुके हैं। इस दौरान उन्होंने 2.94 की इकोनॉमी के साथ 129 विकेट अपने नाम किए हैं। वहीं, हिमाचल प्रदेश के खिलाफ उन्होंने उन्होंने अपनी आखिरी फर्स्ट क्लास मैच में 129 रनों की शतकीय पारी भी खेली थी।

रोहित-विराट को भी कर चुके हैं प्रभावित

23 वर्षीय बाएं हाथ के स्पिनर और ऑलराउंडर मानव सुथार लंबे समय से चयनकर्ताओं की नजर में थे। घरेलू क्रिकेट में लगातार शानदार प्रदर्शन के दम पर उन्होंने अपनी अलग पहचान बनाई, जिसके बाद उन्हें भारतीय टीम के नेट बॉलर के रूप में भी मौका मिला।

नेट अभ्यास के दौरान मानव ने कप्तान रोहित शर्मा और स्टार बल्लेबाज विराट कोहली जैसे अनुभवी खिलाड़ियों को भी अपनी गेंदों से परेशान किया था। उनकी गेंदों में मौजूद टर्न और नियंत्रण ने टीम प्रबंधन का ध्यान खींचा। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, उस समय सीनियर खिलाड़ियों का मानना था कि यदि मानव सफेद गेंद से बेहतर ड्रिफ्ट हासिल कर लेते हैं, तो लाल गेंद के क्रिकेट में वह बेहद घातक स्पिनर साबित हो सकते हैं।

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