अदाणी-अंबानी ही नहीं हैं खरीदने में माहिर, ₹76755 करोड़ वाली Meesho ने भी ₹202 करोड़ में खरीद ली पूरी कंपनी

नई दिल्ली। भारत में जब भी कंपनी खरीदने की बात होती है, तो हमारे जहन में दो अरबपतियों मुकेश अंबानी और गौतम अदाणी का नाम आता है। क्योंकि समय-समय पर ऐसी खबर आती रहती हैं कि मुकेश अंबानी की रिलायंस ने ये कंपनी खरीदी और गौतम अदाणी की अदाणी एंटरप्राइजेज ने ये कंपनी खरीदी। ऐसे में एक धारणा बन गई है कि खरीदने में सिर्फ मुकेश अंबानी और अनिल अंबानी ही माहिर हैं। लेकिन ऐसा नहीं है। बहुत सी ऐसी कंपनियां हो समय-समय पर बड़ा दांव खेलती रहती है। इसी कड़ी में ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म मीशो (Meesho) ने एक बड़ा दांव खेला है।किराना रिटेल सेक्टर में अपनी पकड़ मजबूत करने के लिए मीशो ने कम्युनिटी बेस्ड B2B प्लेटफॉर्म किराना क्लब का अधिग्रहण (meesho acquires kirana club) करने की घोषणा की है। यह सौदा लगभग 202 करोड़ रुपये में पूरा हुआ है।
मीशो ने शुक्रवार को एक्सचेंज फाइलिंग में यह जानकारी दी। यह मीशों का एक बड़ा दांव है। इसका असर मीशो के शेयरों पर भी देखने को मिल सकता है। सोमवार 15 जून को इसके शेयर फोकस (Meesho Share Price) में रहेंगे। इसमें हलचल देखने को मिल सकती है। मीशो का मार्केट कैप 76755 करोड़ रुपये है। शुक्रवार को इसके शेयर 0.84% गिरकर 167 रुपये के स्तर पर बंद हुए थे।
सीधे करोड़ों किराना मालिकों तक मीशो की होगी पहुंच
इस अधिग्रहण के जरिए मीशो का लक्ष्य भारत के 1.3 करोड़ से अधिक किराना स्टोर मालिकों तक अपनी डिजिटल पहुंच बनाना है। किराना क्लब मुख्य रूप से टियर-3, टियर-4 और ग्रामीण इलाकों के छोटे दुकानदारों को सशक्त बनाने का काम करता है।
मीशो के चेयरमैन और सीईओ विदित आत्रेय (Meesho CEO Vidit Aatrey) के अनुसार, “किराना क्लब ने अपने एसेट-लाइट और कम्युनिटी-फर्स्ट अप्रोच के जरिए छोटे रिटेलर्स के बीच गहरा भरोसा बनाया है। यह साझेदारी भारत के कम सेवा वाले बाजारों में पारदर्शिता और उत्पाद खोज को मजबूत करेगी।”
क्या है ‘Kirana Club’ और क्यों है यह खास?
साल 2020 में अंशुल गुप्ता और ऐश्वर्या जैन द्वारा स्थापित ‘किराना क्लब’ आज भारत के सबसे बड़े डिजिटल किराना समुदायों में से एक है। इसके पास 41 लाख (4.1 million) से अधिक पंजीकृत रिटेलर्स का नेटवर्क है। यह प्लेटफॉर्म दुकानदारों को सीधे ब्रांडों से जुड़ने, कीमतों की तुलना करने और FMCG उत्पाद ऑर्डर करने की सुविधा देता है।
किराना क्लब के को-फाउंडर और सीईओ अंशुल गुप्ता ने कहा कि छोटे रिटेलर्स भी आधुनिक रिटेल जैसी दक्षता और पारदर्शिता के हकदार हैं। मीशो के साथ मिलकर वे भारत का सबसे भरोसेमंद डिजिटल कॉमर्स नेटवर्क बनाने के अपने मिशन को गति देंगे। इस डील के साथ मीशो अब केवल कंज्यूमर मार्केट (B2C) तक सीमित न रहकर, B2B सप्लाई चेन में भी एक बड़ी ताकत बनकर उभरेगा।
भारत में कितना बड़ा है ग्रोसरी मार्केट?
भारत का ग्रोसरी मार्केट लगभग 658 अरब डॉलर का है, जिसमें से 91% हिस्सा असंगठित किराना और जनरल ट्रेड का है। ग्रामीण और छोटे शहरों के दुकानदार आज भी पुराने और जटिल सप्लाई चेन पर निर्भर हैं। मीशो और किराना क्लब की यह जुगलबंदी इसी अंतर को पाटने का काम करेगी।



