सियासी गलियारा

अंजलि दमानिया के दावे से महाराष्ट्र की राजनीति में हलचल, क्या NDA में जाएगी शरद पवार की NCP?

महाराष्ट्र की राजनीति में कब क्या मोड़ आ जाए, इसका अंदाजा लगाना बेहद मुश्किल है। राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरदचंद्र पवार) के भविष्य और एनसीपी के दोनों धड़ों के संभावित विलय को लेकर चल रही अटकलों के बीच सामाजिक कार्यकर्ता अंजलि दमानिया के एक बयान ने फिर से राजनीतिक भूचाल ला दिया है। दमानिया ने दावा किया है कि शरद पवार और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के बीच एक बड़ी राजनीतिक डील पक्की हुई है।

आइए इस एक्सप्लेनर के जरिए विस्तार से समझते हैं कि अंजलि दमानिया के दावे क्या हैं, इसके पीछे की पृष्ठभूमि क्या है और महाराष्ट्र की सियासत पर इसका क्या असर पड़ सकता है।

सामाजिक कार्यकर्ता अंजलि दमानिया के अनुसार, राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरदचंद्र पवार) और भारतीय जनता पार्टी के बीच पर्दे के पीछे बातचीत चल रही है। उन्होंने दावा किया कि शरद पवार ने संसद में आने वाले परिसीमन विधेयक (Delimitation Bill) के समर्थन में अपने सांसदों का वोट देने की पेशकश अमित शाह के सामने रखी है। इसके बदले में, शरद पवार चाहते हैं कि असली राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP) का नियंत्रण और पार्टी का मूल ढांचा पुनः उनके हाथ में सौंप दिया जाए।

अंजलि दमानिया ने दावा किया कि इसी सिलसिले में सुनेत्रा पवार के नेतृत्व वाली एनसीपी के प्रदेश अध्यक्ष सुनील तटकरे ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमित शाह से मुलाकात की। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि सांसद सुप्रिया सुले ने भी इस मुद्दे को लेकर मुलाकात की है।

अंजलि दमानिया ने दावा किया कि शरद पवार के नेतृत्व वाली एनसीपी जल्द ही एनडीए का हिस्सा बन सकती है। उन्होंने आरोप लगाया कि सुप्रिया सुले इस मुद्दे पर स्पष्ट रुख अपनाने के बजाय टालमटोल भरे जवाब दे रही हैं।

हालांकि, शरद पवार पहले ही एनसीपी के दोनों गुटों के विलय की चर्चाओं को स्पष्ट रूप से खारिज कर चुके हैं। ऐसे में इस मुद्दे को समाप्त माना जा रहा था, लेकिन अंजलि दमानिया के ताजा दावों के बाद राजनीतिक गलियारों में एक बार फिर चर्चाएं तेज हो गई हैं। हालांकि, अंजलि दमानिया के इन आरोपों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है और संबंधित पक्षों की ओर से इन दावों पर आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।

बता दें कि संसद का मानसून शुरू होने से पहले परिसीमन बिल को लेकर सुप्रिया सुले ने नरम रुख अपनाया था। सुले ने कहा कि था कि राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरदचंद्र पवार) चुनाव क्षेत्रों के पुनर्गठन से जुड़े इस संविधान संशोधन बिल का पूरी तरह समर्थन करेगी, बशर्ते इसमें लोकसभा और विधानसभा क्षेत्रों की सीटों की संख्या में 50 प्रतिशत बढ़ोतरी का प्रस्ताव शामिल हो।

वहीं संसद का सत्र शुरू होने के बाद 22 जुलाई को शरद पवार और सुप्रिया सुले ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात की थी। सुप्रिया सुले के बाद बयान और पीएम मोदी से मुलाकात के बाद शरद पवार गुट का डिलिमिटेशन बिल को समर्थन करने और एनडीए में शामिल होने की अटकलें लगाई जा रही है।

शरद पवार ने पिछले दिनों एनसीपी के दोनों गुटों के एक साथ आने की संभावनाओं को खारिज कर दिया था। साथ ही पीएम माेदी को बारामती आने का न्योता देकर सबको दुविधा में डाला दिया है। ऐसे में अंजलि दमानिया के दावे में कितनी सच्चाई यह तो समय ही बता पाएगा।

Show More

Related Articles

Back to top button