टाटा संस की लिस्टिंग लगभग तय? RBI ने CIC रजिस्ट्रेशन रद्द करने से किया इनकार

भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने टाटा समूह की होल्डिंग कंपनी टाटा संस की कोर इन्वेस्टमेंट कंपनी (CIC) के रूप में अपना रजिस्ट्रेशन रद्द करने की मांग वाली अर्जी खारिज कर दी है। RBI ने अपने फैसले में कहा कि इस आवेदन को मंजूरी नहीं दी जा सकती।
इस फैसले के बाद टाटा संस के शेयर बाजार में लिस्ट होने की संभावना और मजबूत हो गई है। कंपनी ने RBI से अपना CIC रजिस्ट्रेशन रद्द करने का अनुरोध किया था, क्योंकि मौजूदा नियमों के तहत उस पर शेयर बाजार में लिस्टिंग की बाध्यता आ सकती है।
क्या है RBI का नियम?
RBI के स्केल-बेस्ड रेगुलेशन के तहत बड़ी NBFC कंपनियों के लिए कुछ सख्त नियम लागू हैं। निर्धारित सीमा से अधिक संपत्ति वाली और पब्लिक फंड तक प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष पहुंच रखने वाली कंपनियों को शेयर बाजार में लिस्ट होना पड़ सकता है।
मार्च 2025 तक टाटा संस की स्टैंडअलोन संपत्ति करीब 1.75 लाख करोड़ रुपये बताई गई थी। इसी वजह से कंपनी पर लिस्टिंग से जुड़े नियम लागू होने का मुद्दा महत्वपूर्ण हो गया है।
तीन साल में लिस्टिंग की बाध्यता
RBI के 2022 के नियमों के मुताबिक, निर्धारित श्रेणी में आने वाली बड़ी NBFC कंपनियों को पहचान के बाद तय अवधि के भीतर शेयर बाजार में सूचीबद्ध होना जरूरी है। RBI ने इस साल जारी NBFCs की सूची में टाटा संस को भी शामिल किया था।
टाटा संस अब तक अनलिस्टेड कंपनी रही है। वहीं, कंपनी में हिस्सेदारी रखने वाले कुछ निवेशकों की ओर से भी लिस्टिंग को लेकर दबाव बढ़ने की खबरें सामने आती रही हैं।
RBI के ताजा फैसले के बाद अब टाटा संस के लिए शेयर बाजार में लिस्टिंग की दिशा में आगे बढ़ने का रास्ता और महत्वपूर्ण हो गया है। हालांकि, लिस्टिंग की वास्तविक प्रक्रिया और समयसीमा को लेकर कंपनी की ओर से आधिकारिक जानकारी का इंतजार है।



