
खेल डेस्क। भारतीय क्रिकेट में विराट कोहली और रोहित शर्मा जैसे खिलाड़ियों की लोकप्रियता किसी से छिपी नहीं है। कई प्रशंसक अपने पसंदीदा खिलाड़ी के संन्यास के बाद क्रिकेट देखना छोड़ने की बात कहते हैं, लेकिन पूर्व भारतीय सलामी बल्लेबाज वीरेंद्र सहवाग इससे अलग राय रखते हैं। उनका कहना है कि बड़े खिलाड़ियों के संन्यास के बाद भी क्रिकेट की लोकप्रियता पर कोई असर नहीं पड़ता।
विराट कोहली और रोहित शर्मा के टी20 अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से संन्यास को लेकर पूछे गए सवाल पर सहवाग ने कहा कि ऐसी बातें पहले भी सुनी जाती रही हैं। सुनील गावस्कर, कपिल देव और सचिन तेंदुलकर के दौर में भी प्रशंसकों के बीच ऐसी ही चर्चा होती थी, लेकिन उनके संन्यास के बाद क्रिकेट देखना बंद नहीं हुआ।
सहवाग के अनुसार आज क्रिकेट पहले की तुलना में ज्यादा लोगों तक पहुंच रहा है। पहले मुकाबले मुख्य रूप से टीवी पर देखे जाते थे, जबकि अब मोबाइल फोन पर भी आसानी से मैच देखे जा सकते हैं। उन्होंने कहा कि कुछ प्रशंसक किसी खास खिलाड़ी के संन्यास के बाद कम क्रिकेट देख सकते हैं, लेकिन इससे पूरा खेल रुक नहीं जाता।
उन्होंने यह भी कहा कि अगर क्रिकेट केवल खिलाड़ियों के कारण चल रहा होता तो यह खेल अब तक खत्म हो चुका होता। खिलाड़ियों का करियर आता-जाता रहता है, लेकिन खेल जारी रहता है।
नए खिलाड़ियों ने संभाली जिम्मेदारी
रोहित शर्मा और विराट कोहली के टी20 से संन्यास के बाद भारतीय टीम में कई नए खिलाड़ियों को अपनी पहचान बनाने का मौका मिला। सूर्यकुमार यादव की कप्तानी में टीम ने नए खिलाड़ियों के साथ आगे बढ़ना जारी रखा।
अब युवा बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी भी प्रशंसकों के बीच चर्चा का केंद्र बने हुए हैं। सहवाग की बातों से यही संकेत मिलता है कि क्रिकेट में स्टार खिलाड़ी बदलते रहते हैं, लेकिन खेल के प्रति दर्शकों की रुचि बनी रहती है।



