सऊदी अरब के हाथ लगा बड़ा खजाना! जमीन के नीचे मिला 11 करोड़ टन मिनरल भंडार और यूरेनियम

सऊदी अरब ने रेयर अर्थ मिनरल्स सेक्टर में बड़ी खोज का दावा किया है. सऊदी अरब के एनर्जी मिनिस्टर प्रिंस अब्दुलअजीज बिन सलमान के मुताबिक, देश के मदीना क्षेत्र में करीब 11 करोड़ टन रॉ मटेरियल का पता चला है.
इसमें रेयर अर्थ मिनरल्स के साथ यूरेनियम की भी अच्छी मात्रा होने की बात कही गई है. यह खोज ऐसे समय हुई है, जब सऊदी अरब अपनी अर्थव्यवस्था और एनर्जी व्यवस्था को तेल पर कम निर्भर बनाने की कोशिश कर रहा है.
मदीना में क्या मिला?
वियना में इंटरनेशनल एटॉमिक एनर्जी एजेंसी (IAEA) के सम्मेलन में सऊदी अरब के एनर्जी मिनिस्ट्री ने बताया कि मदीना के जबल सय्यद इलाके में की गई खोज और जियोलॉजिकल स्टडी में करीब 11 करोड़ टन रॉ मटेरियल मिलने का अनुमान है.
इसमें रेयर अर्थ मिनरल्स की ज्यादा मात्रा पाई गई है. रेयर अर्थ मिनरल्स का इस्तेमाल मोबाइल फोन, इलेक्ट्रिक व्हीकल्स, बैटरी, विंड टर्बाइन और कई मॉडर्न टेक्नोलॉजी में किया जाता है.
यूरेनियम की खोज क्यों अहम है?
इस खोज में यूरेनियम की मौजूदगी इसलिए अहम मानी जा रही है क्योंकि सऊदी अरब अपने सिविलियन न्यूक्लियर एनर्जी प्रोग्राम को आगे बढ़ा रहा है.
देश घरेलू स्तर पर यूरेनियम निकालने और भविष्य में परमाणु ऊर्जा का इस्तेमाल बढ़ाने की दिशा में काम कर रहा है. सऊदी अरब की यह योजना उसकी विजन 2030 रणनीति का हिस्सा है.
इसका मकसद अर्थव्यवस्था को तेल से आगे ले जाकर मिनरल्स, एनर्जी, इंडस्ट्री और दूसरी एक्टिविटीज में मजबूत बनाना है.
अमेरिका के साथ परमाणु समझौते से जुड़ी कड़ी
यूरेनियम की यह खोज अमेरिका और सऊदी अरब के बीच हुए नागरिक सिविलियन न्यूक्लियर एनर्जी के कुछ समय बाद सामने आई है. इस समझौते के तहत अमेरिकी कंपनियां सऊदी अरब के सिविलियन न्यूक्लियर प्रोग्राम को आगे बढ़ाने में मदद करेंगी.
सऊदी एनर्जी मिनिस्टर ने न्यूक्लियर प्रोग्राम को लेकर कहा कि उनका देश इंटरनेशनल कम्युनिटी से अलग रहकर काम नहीं करेगा. उन्होंने पारदर्शिता और IAEA के सहयोग पर जोर दिया.
मिनरल सेक्टर में सऊदी अरब की नई रणनीति
सऊदी अरब अब अपने तेल भंडार के साथ-साथ दूसरे नेचुरल रिसोर्सेस पर भी ध्यान दे रहा है. सरकार का मानना है कि मिनरल्स और रेयर अर्थ मिनरल्स भविष्य में देश की अर्थव्यवस्था और सप्लाई सिक्योरिटी के लिए अहम भूमिका निभा सकते हैं.
अगर मदीना में मिले रिसोर्सेज का प्रोफेशनल लेवल पर सफलतापूर्वक इस्तेमाल किया जाता है, तो इससे सऊदी अरब की दुनियाभर के मिनरल और एनर्जी मार्केट में भूमिका और मजबूत हो सकती है.



