Gold-Silver Price Today 31 August 2026: सोना-चांदी में बड़ी गिरावट, जानें आज का नया भाव और कीमतों में क्यों आई कमजोरी

Gold-Silver Price Today 31 August 2026: नए कारोबारी सप्ताह की शुरुआत कीमती धातुओं के लिए कमजोर रही। सोमवार को घरेलू वायदा बाजार में सोने और चांदी दोनों की कीमतों में तेज गिरावट दर्ज की गई। अंतरराष्ट्रीय बाजार से मिले कमजोर संकेतों और पिछले दिनों की जोरदार तेजी के बाद निवेशकों की मुनाफावसूली ने कीमतों पर दबाव बढ़ाया।
MCX पर सोना-चांदी फिसले
मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर अक्टूबर कॉन्ट्रैक्ट का सोना शुरुआती कारोबार में ₹2,600 से ज्यादा टूटकर ₹1,53,640 प्रति 10 ग्राम के स्तर पर पहुंच गया। वहीं सितंबर डिलीवरी वाली चांदी में भी करीब ₹4,200 की गिरावट आई और यह ₹2,32,501 प्रति किलोग्राम पर कारोबार करती नजर आई।
हालिया तेजी के बाद आई यह गिरावट निवेशकों के लिए मुनाफावसूली का संकेत भी मानी जा रही है।
घरेलू बाजार में कितना सस्ता हुआ सोना?
घरेलू सर्राफा बाजार में भी सोमवार को सोने के अलग-अलग कैरेट की कीमतों में गिरावट देखने को मिली।
- 24 कैरेट सोना: ₹1,470 की गिरावट के बाद ₹1,56,770 प्रति 10 ग्राम
- 22 कैरेट सोना: ₹1,350 घटकर ₹1,43,700 प्रति 10 ग्राम
- 18 कैरेट सोना: ₹830 की गिरावट के बाद ₹1,17,850 प्रति 10 ग्राम
हालांकि, घरेलू बाजार में चांदी ₹2,55,000 प्रति किलोग्राम पर स्थिर रही और इसकी कीमत में कोई बदलाव नहीं हुआ।
सोने और चांदी की कीमतों में अचानक गिरावट क्यों?
कीमती धातुओं में आई इस तेज कमजोरी के पीछे सबसे बड़ा कारण वैश्विक बाजार में बदलता माहौल माना जा रहा है। अमेरिका के जैक्सन होल सिंपोजियम से मिले संकेतों ने निवेशकों की चिंता बढ़ाई है।
फेडरल रिजर्व के चेयरमैन केविन वार्श के अपेक्षाकृत सख्त रुख से बाजार में यह आशंका मजबूत हुई कि अगर अमेरिका में महंगाई तेजी से 2% के लक्ष्य की तरफ नहीं आती है, तो ब्याज दरों में बढ़ोतरी की संभावना पर विचार किया जा सकता है।
ब्याज दरों को लेकर सख्त रुख के संकेत मिलते ही अमेरिकी बॉन्ड यील्ड में मजबूती आई। बॉन्ड यील्ड बढ़ने से सोने जैसे ऐसे निवेश, जिनसे नियमित ब्याज नहीं मिलता, निवेशकों के लिए अपेक्षाकृत कम आकर्षक हो जाते हैं। इसका दबाव बुलियन की कीमतों पर देखने को मिला।
अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी सोने पर दबाव
वैश्विक बाजार में अमेरिकी सोने के दिसंबर वायदा भाव में पिछले दो कारोबारी सत्रों के दौरान करीब 4 फीसदी की गिरावट आई और यह 4,476.85 डॉलर प्रति ट्रॉय औंस तक पहुंच गया।
हालांकि, बड़ी गिरावट के बावजूद अगस्त महीने में अब तक सोने की कीमत में करीब 10 फीसदी की तेजी बनी हुई है। यानी हालिया कमजोरी को कुछ हद तक तेज उछाल के बाद आई मुनाफावसूली के तौर पर भी देखा जा रहा है।
अमेरिका की महंगाई ने बढ़ाई चिंता
सोने की कीमतों पर एक और महत्वपूर्ण दबाव अमेरिका के महंगाई आंकड़ों से आया है। जुलाई में पर्सनल कंजम्पशन एक्सपेंडिचर (PCE) इंडेक्स सालाना आधार पर 3.7 फीसदी बढ़ा। यह फेडरल रिजर्व के 2 फीसदी महंगाई लक्ष्य से काफी ऊपर है।
महंगाई के ऊंचे स्तर ने अमेरिकी केंद्रीय बैंक की अगली मौद्रिक नीति को लेकर अनिश्चितता बढ़ा दी है। अब निवेशकों की नजर ब्याज दरों से जुड़े आगामी संकेतों और अमेरिकी आर्थिक आंकड़ों पर बनी हुई है।
निवेशकों की नजर आगे के संकेतों पर
फिलहाल सोने और चांदी के बाजार में वैश्विक ब्याज दरों, अमेरिकी बॉन्ड यील्ड, डॉलर की चाल और मुनाफावसूली जैसे फैक्टर अहम भूमिका निभा रहे हैं। अगर अमेरिकी महंगाई और ब्याज दरों को लेकर सख्त रुख जारी रहता है, तो कीमती धातुओं पर दबाव बना रह सकता है। वहीं, सुरक्षित निवेश की मांग बढ़ने पर सोने को दोबारा सपोर्ट मिलने की संभावना भी बनी हुई है।



