Bhilai Steel Plant को बेचने की खबरों पर आया जवाब, BSP बोला- अफवाहों पर न करें भरोसा

रायपुर । भिलाई इस्पात संयंत्र (BSP) को बेचने की योजना से जुड़ी खबरों को संयंत्र प्रबंधन ने भ्रामक और निराधार बताया है। सोशल मीडिया और कुछ मीडिया प्रकाशनों में प्रसारित हो रहे इन दावों का इस्पात मंत्रालय ने अपने आधिकारिक सोशल मीडिया हैंडल के जरिए खंडन किया है। वहीं, प्रेस सूचना ब्यूरो (PIB) की फैक्ट चेक इकाई ने भी इन खबरों को गलत बताया है।
बीएसपी बेचने की खबरों को बताया भ्रामक
संयंत्र प्रबंधन के मुताबिक, भिलाई इस्पात संयंत्र को बेचे जाने से संबंधित दावों पर भरोसा करने से पहले उनकी आधिकारिक स्रोतों से पुष्टि करना जरूरी है। प्रबंधन ने स्पष्ट किया कि सोशल मीडिया पर प्रसारित हो रही अपुष्ट जानकारियां लोगों के बीच भ्रम पैदा कर सकती हैं।
इस्पात मंत्रालय और पीआईबी फैक्ट चेक की ओर से किए गए खंडन के बाद संयंत्र प्रबंधन ने भी लोगों से ऐसी खबरों को बिना पुष्टि साझा नहीं करने की अपील की है।
कर्मचारियों और आम जनता से की अपील
भिलाई इस्पात संयंत्र प्रबंधन ने अपने कर्मचारियों, हितधारकों और छत्तीसगढ़ की जनता से अपील की है कि वे अपुष्ट सूचनाओं पर विश्वास न करें। साथ ही, ऐसी खबरों को सोशल मीडिया या दूसरे माध्यमों से आगे प्रसारित करने से बचें।
प्रबंधन ने कहा कि किसी भी जानकारी को साझा करने से पहले संबंधित विभागों और आधिकारिक संस्थानों के माध्यम से उसकी सत्यता जांचनी चाहिए। इससे गलत सूचनाओं के प्रसार पर रोक लगाने में मदद मिलेगी।
छत्तीसगढ़ की पहचान से जुड़ा है भिलाई इस्पात संयंत्र
बीएसपी ने अपने महत्व को रेखांकित करते हुए कहा कि भिलाई इस्पात संयंत्र केवल एक औद्योगिक इकाई नहीं, बल्कि छत्तीसगढ़ की पहचान और गौरवशाली औद्योगिक विरासत का अहम हिस्सा है। स्थापना के बाद से ही संयंत्र ने प्रदेश के औद्योगिक विकास में महत्वपूर्ण योगदान दिया है।
संयंत्र ने प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने के साथ-साथ सहायक उद्योगों को भी बढ़ावा दिया है। इससे हजारों परिवारों की आजीविका जुड़ी हुई है। औद्योगिक विकास में लंबे समय से निभाई जा रही भूमिका के कारण भिलाई इस्पात संयंत्र राज्य की महत्वपूर्ण औद्योगिक संपत्तियों में शामिल है।
आधिकारिक जानकारी पर भरोसा करने की अपील
बीएसपी प्रबंधन ने दोहराया है कि संयंत्र को बेचे जाने से संबंधित खबरों पर किसी भी निष्कर्ष पर पहुंचने से पहले आधिकारिक जानकारी देखनी चाहिए। प्रबंधन ने लोगों से अफवाहों से बचने और केवल प्रमाणित स्रोतों से मिली सूचनाओं पर भरोसा करने का आग्रह किया है।
नोट: खबर में इस्पात मंत्रालय और पीआईबी फैक्ट चेक के खंडन का उल्लेख उपलब्ध कराई गई जानकारी के आधार पर किया गया है। प्रकाशन से पहले संबंधित आधिकारिक पोस्ट की पुष्टि कर लें।



