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सर्दियों में ही क्यों बनता है कोहरा? एक्सपर्ट्स से समझिए स्मॉग और फॉग में अंतर

देहरादून. समूचे उत्तर भारत में इस समय हाड़ कंपाने वाली ठंड है। राजधानी दिल्ली में मसूरी से ज्यादा ठंड पड़ रही है। वहीं, देहरादून समेत पूरे उत्तराखंड में भी कोल्ड डे महसूस हो रहा है। शांत वादियों से पहचान रखने वाले देहरादून में एक्यूआई 340 पहुंच गया। सर्दियों के मौसम में उत्तराखंड समेत उत्तर भारत के कई हिस्सों में घना कोहरा आम समस्या है। सर्दियों में ही कोहरा क्यों बनता है? स्मॉग और फॉग में क्या अंतर है? मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, इसके पीछे हवा में मौजूद नमी और गिरता तापमान सबसे बड़ी वजह है।

मौसम वैज्ञानिक डॉ. रोहित थपलियाल का कहना है कि हवा में हमेशा कुछ मात्रा में नमी यानी वाटर वेपर मौजूद रहती है। सर्दियों में जब तापमान गिरता है, तो यह वाटर वेपर ठंडी हवा के संपर्क में आकर संघनन यानी कंडेन्सेशन की प्रक्रिया से गुजरती है। इस दौरान वाटर वेपर बेहद छोटी पानी की बूंदों में बदल जाती है, जो हवा में तैरती रहती हैं और यही बूंदें कोहरे का रूप ले लेती हैं। तापमान जितना अधिक गिरता है, कोहरा उतना ही घना हो जाता है।

स्मॉग और फॉग में अंतर

विशेषज्ञों के अनुसार, फॉग (कोहरा) एक प्राकृतिक मौसमी प्रक्रिया है, जो तापमान और नमी के कारण बनती है, जबकि स्मॉग प्रदूषण और कोहरे के मेल से बनता है। सर्दियों में हवा की गति कम होने के कारण प्रदूषक कण वातावरण में फंस जाते हैं, जिससे स्मॉग की स्थिति और गंभीर हो जाती है।स्मॉग और फॉग में अंतर

पश्चिम विक्षोभ सक्रिय

मौसम विज्ञान केंद्र देहरादून के निदेशक डॉ. सीएस तोमर ने बताया कि प्रदेश में इस समय पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय है, जिससे वातावरण में पर्याप्त नमी बनी हुई है। इसके साथ ही रात के तापमान में गिरावट और हवा की गति धीमी रहने के कारण कोहरे के लिए अनुकूल परिस्थितियां बन गई हैं। उन्होंने कहा कि अगले चार से पांच दिनों तक प्रदेश में इसी तरह के मौसम बने रहने की संभावना है।

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