11 केवी लाइन के संपर्क में आने से मज़दूर की मौत, एक घायल

उमरकोट/रायघर. बीते कल शाम लगभग 5:20 बजे रायघर सदर के कोदभाटा पुराना थाना के पीछे एक दर्दनाक बिजली हादसा घटित हुआ। 11 केवी विद्युत लाइन के नीचे मकान निर्माण कार्य के दौरान लोहे की रॉड बिजली तार से छू जाने के कारण एक मज़दूर की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि एक अन्य गंभीर रूप से घायल हो गया।

मृतक की पहचान बाबूलाल गोंड (22), निवासी – सरगुली सालेवाटा गाँव, के रूप में हुई है। घायल मज़दूर विश्वजीत मंडल (25) भी सरगुली गाँव का निवासी बताया गया है।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, गुरुसिंहा गाँव निवासी राजकुमार लस्कर के कोदभाटा साहि स्थित मकान में छत का कार्य चल रहा था। लोहे की रॉड उठाते समय यह सीधे 11 केवी लाइन से संपर्क में आ गई। करंट लगते ही बाबूलाल गोंड की घटनास्थल पर ही मौत हो गई। इस दुर्घटना ने पूरे रायघर क्षेत्र में आक्रोश और चिंता पैदा कर दी है।
स्थानीय बुद्धिजीवियों और लोगों का कहना है कि 11 केवी लाइन के नीचे घर निर्माण कैसे संभव हुआ? क्या मकान मालिक के पास इलेक्ट्रिकल क्लियरेंस सर्टिफिकेट था? यदि नहीं, तो निर्माण के दौरान बिजली विभाग ने इस पर ध्यान क्यों नहीं दिया?
घटना के बाद वहाँ कार्यरत मज़दूर घबराकर तुरंत रायघर थाना को सूचना दिए। थाना प्रभारी एस.आई. मनोरंजन मिश्रा बिना समय गंवाए पुलिस बल के साथ मौके पर पहुँचे और मृतक का शव बरामद कर, घायल मज़दूर समेत अन्य को अस्पताल भेजा। साथ ही केस नं. 207/25 के अंतर्गत मामला दर्ज करने की जानकारी भी एस.आई. मिश्रा ने दी। पुलिस के साथ-साथ विद्युत विभाग की टीम भी जांच में जुटी है।
यहाँ सवाल यह उठता है कि 11 केवी लाइन के नीचे मकान बनाना क़ानूनी रूप से अवैध है। Electricity Act, 2003 और CEA Safety Regulations के अनुसार, भवन और बिजली तार के बीच न्यूनतम सुरक्षा दूरी अनिवार्य है। ऐसे में यह हादसा स्पष्ट रूप से मानवीय लापरवाही का परिणाम माना जा रहा है।
रायघर के कोदभाटा साहि में हुई यह बिजली दुर्घटना केवल एक युवक की जान ही नहीं ले गई, बल्कि इसने विद्युत सुरक्षा, निर्माण नियम और विभागीय निगरानी पर भी गंभीर प्रश्नचिह्न खड़े कर दिए हैं।



