भारत
भारत के 15वें उपराष्ट्रपति बने सीपी राधाकृष्णन, राष्ट्रपति मुर्मू ने दिलाई शपथ

सीपी राधाकृष्णन ने देश के 15वें उपराष्ट्रपति के तौर पर आज शपथग्रहण कर लिया है। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने 10 बजे राष्ट्रपति भवन में आज उन्हें शपथ दिलाई। राधाकृष्णन ने विपक्ष के कैंडिडेट बी सुदर्शन रेड्डी को हराकर यह पद हासिल किया है।
सीपी राधाकृष्णन ने आज भारत के 15वें उपराष्ट्रपति के तौर पर शपथ ग्रहण कर लिया है। यह शपथ समारोह राष्ट्रपति भवन में सुबह 10 बजे आयोजित किया गया, जहां राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु उन्हें पद और गोपनीयता की शपथ दिलाई। उपराष्ट्रपति चुनाव में विपक्ष के उम्मीदवार बी सुदर्शन रेड्डी को हराकर जीतने के बाद शपथ लेकर वे देश के दूसरे सर्वोच्च संवैधानिक पद पर आसीन हो गए।
पीएम मोदी समेत ये दिग्गज रहे मौजूद
यह आयोजन सुबह 10 बजे शुरू हुआ, जिसमें देश की तमाम प्रमुख राजनीतिक हस्तियां शामिल हुईं। शपथ समारोह में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा सहित केंद्र सरकार के कई वरिष्ठ मंत्री मौजूद हैं। इसके अलावा, समारोह में भाग लेने के लिए विभिन्न राज्यों से भी नेता और राज्यपाल दिल्ली पहुंचे हैं। इनमें ओडिशा के मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी, कर्नाटक के राज्यपाल थावरचंद गहलोत, आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू, पंजाब के राज्यपाल और चंडीगढ़ के प्रशासक गुलाब चंद कटारिया, झारखंड के राज्यपाल संतोष गंगवार और मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव प्रमुख हैं।
जगदीप धनखड़ ने स्वास्थ्य कारणों के चलते दिया था इस्तीफा
गौरतलब है कि यह उपराष्ट्रपति चुनाव ऐसे समय में हुआ जब पूर्व उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ ने 21 जुलाई को स्वास्थ्य कारणों से अचानक इस्तीफा दे दिया था। इसके चलते 9 सितंबर को नए उपराष्ट्रपति के लिए मतदान हुआ। इस चुनाव में एनडीए के उम्मीदवार सीपी राधाकृष्णन ने विपक्ष के प्रत्याशी बी सुदर्शन रेड्डी को 152 मतों के बड़े अंतर से हराकर जीत हासिल की।
आचार्य देवव्रत को महाराष्ट्र के राज्यपाल का अतिरिक्त कार्यभार
सीपी राधाकृष्णन ने 9 सितंबर को हुए उपराष्ट्रपति चुनाव में जीत हासिल की थी। इसके बाद उन्होंने महाराष्ट्र के राज्यपाल पद से इस्तीफा दे दिया। राष्ट्रपति कार्यालय द्वारा जारी बयान के अनुसार, राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने गुजरात के राज्यपाल आचार्य देवव्रत को महाराष्ट्र के राज्यपाल का अतिरिक्त कार्यभार सौंपा है। राधाकृष्णन की इस जीत के साथ न सिर्फ एनडीए को एक और संवैधानिक पद पर मजबूती मिली है, बल्कि संसद के उच्च सदन में उनकी भूमिका भी अब अहम हो जाएगी।



