पीएम नरेंद्र मोदी को गाली पर पटना में बवाल, भाजपा और कांग्रेस कार्यकर्ताओं के बीच चली लाठियां

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को मां की गाली प्रकरण पर बिहार में सियासी तुफान मच गया है। बीजेपी कांग्रेस और राजद के खिलाफ सड़कों पर उतर गई है। बीजेपी ने पटना में सदाकत आश्रम तक मार्च निकाला जिसमें नीतीश सरकार के कई मंत्री शामिल हुए। इस दौरान बीजेपी का आक्रामक तेवर देखने को मिला। सदाकत आश्रम के पास कांग्रेस के कार्यकर्ताओं से भिड़ंत हो गई। बीजेपी के कार्यकर्ता कांग्रेस के ऑफिस में घुस गए जिन्हें कांग्रेसी खदेड़ने लगे। इस दौरान कई गाड़ियों में तोड़ फोड़ की गयी। दोनों दलों के कार्यकर्ताओं ने एक दूसरे पर हमले का आरोप लगाया। मार्च में मंत्री संजय सरावगी और नितिन नबीन भी शामिल थे। दोनों ओर से कई लोग घायल हो गए। बड़ी मुश्किल से पुलिस ने दोनों पक्षों को अलग-अलग किया।
बुधवार को दरभंगा में कांग्रेस नेता नौशाद आलम के मंच से पीएम मोदी को मां की गाली दी गई। शुक्रवार को पटना में सियासत सुलग गई। बीजेपी के बड़े नेता और कार्यकर्ता सड़क पर उतर गए जिनमें बड़ी संख्या में महिलाएं भी शामिल हुईं। पटना के कुर्जी हॉस्पिटल से कांग्रेस कार्यालय सदाकत आश्रम तक प्रोटेस्ट मार्च निकाला गया। लेकिन सदाकत आश्रम के पास कांग्रेस और बीजेपी कार्यकर्ताओं के बीच मारपीट हो गई। मार्च में शामिल कुछ भाजपा कार्यकर्ता सदाकत आश्रम में घुस गए। इस पर कांग्रेस के वर्कर भी उग्र हो गए। दोनों ओर से जमकर लाठी, डंडे चले। वहां खड़ी कई गाड़ियों से शीशे फोड़ दिए गए। झंडे के डंडे से हुई मारपीट में कई बीजेपी वर्कर घायल हो गए।
मार्च में शामिल मंत्री संजय सरावगी ने कहा कि पीएम की दिवंगत माता जी को गालियां दी गईं और विरोध पर कांग्रेस के गुंडों ने हमारे लोगों पर हमला कर दिया। उनके ऑफिस के अंदर से पत्थर चलाए गए जिसमें हमारे कई वर्कर जख्मी हो गए। उन्हें कुर्जी अस्पताल में भर्ती कराया गया। इधर कांग्रेस वर्कर भी कहने लगे कि भाजपा के प्रदर्शनकारी जबरन उनके ऑफिस में घुस गए और तोड़-फोड़ करने लगे तो उन्हें बाहर निकाला गया। चोट लगने से कांग्रेस सेवा दल के कार्यालय सचिव विपिन झा भी घायल हो गए।
मारपीट को लेकर मंत्री नितिन नबीन ने कहा कि देश का अपमान करना कांग्रेस का चरित्र है। पहले राहुल गांधी ने पीएम मोदी पर अभद्र भाषा का प्रयोग किया और उसके बाद उनके कार्यकर्ता गाली देने लगे। यह देश का अपमान है जिसे कोई सहन नहीं करेगा। किसी की मां के लिए ऐसे शब्दों का इस्तेमाल कीं से सही नहीं है। बताया कि उनके ऑफिस में पहले से पत्थर रखे गए थे। हमारे कई कार्यकर्ता जख्मी है। लेकिन सही समय पर वोट के चोट से उन्हें जवाब दिया जाएगा।



