8वें वेतन आयोग से सैलरी में तगड़ी बढ़ोतरी की आस लगाए कर्मचारियों को लग सकता है झटका

केंद्र सरकार के 33 लाख से ज्यादा कर्मचारी और 66 लाख से ज्यादा पेंशनर्स बेसब्री से 8वें वेतन आयोग के लागू होने का इंतजार कर रहे हैं। अगर यह कर्मचारी अपने वेतन और पेंशन में तगड़ी बढ़ोतरी की उम्मीद लगाए हैं तो इन्हें कुछ निराशा हाथ लग सकती है। कोटक इंस्टीट्यूशनल इक्विटीज की एक हालिया रिपोर्ट इशारा करती है कि 8वें वेतन आयोग के लिए फिटमेंट फैक्टर 1.8 हो सकता है, जिससे असल वेतन (रियल पे) में करीब 13 पर्सेंट की बढ़ोतरी हो सकती है। यह बात इकनॉमिक टाइम्स की एक रिपोर्ट में कही गई है।
7वें वेतन आयोग में कितनी सैलरी बढ़ोतरी
एंबिट कैपिटल की एक पिछली रिपोर्ट में कहा गया कि दिसंबर 2025 को खत्म होने वाले मौजूदा सातवें वेतन आयोग में सैलरी में 14.3 पर्सेंट की बढ़ोतरी हुई। कोटक इंस्टीट्यूशनल इक्विटीज की हालिया रिपोर्ट में कहा गया है कि फिटमेंट फैक्टर करीब 1.8 रह सकता है। केंद्र सरकार के कर्मचारियों की सैलरी या पेंशन में असल बढ़ोतरी पूरी तरह से कमीशन की तरफ से रिकमंड किए गए फिटमेंट फैक्टर या मल्टीप्लायर पर निर्भर करती है। फिटमेंट फैक्टर का इस्तेमाल किसी कर्मचारी की मौजूदा बेसिक पे पर नई बेसिक पे के कैलकुलेशन के लिए किया जाता है। उदाहरण के लिए- सातवें वेतन वेतन में 2.57 फिटमेंट फैक्टर तय किया गया, जिससे केंद्र सरकार के कर्मचारियों की मंथली मिनिमम बेसिक पे 7000 रुपये से बढ़कर 18000 रुपये पहुंच गई।
कब, कितनी बढ़ी कर्मचारियों की रियल पे
यह समझना बेहद अहम है कि 2.57 फिटमेंट फैक्टर का यह कतई मतलब नहीं है कि कर्मचारियों की सैलरी 2.57 गुना बढ़ जाएगी। यह फिटमेंट फैक्टर बेसिक पे पर लागू होता है और उसी में बढ़ोतरी होती है। अगर पिछले वेतन आयोगों में रियल पे में हुई बढ़ोतरी की बात करें तो दूसरे वेतन आयोग में 14.2 पर्सेंट, तीसरे वेतन आयोग में 20.6 पर्सेंट, चौथे वेतन आयोग में 27.6 पर्सेंट, पांचवें वेतन आयोग में 31 पर्सेंट, छठवें वेतन आयोग में 54 पर्सेंट और सातवें वेतन आयोग में 14.3 पर्सेंट की बढ़ोतरी हुई है।

