जगन्नाथ रथयात्रा में बेकाबू हुए हाथी, अहमदाबाद में मची अफरी तफरी

अहमदाबाद: गुजरात के अहमदाबाद में शुक्रवार को भगवान जगन्नाथ की रथयात्रा के दौरान बड़ा हादसा टल गया। यात्रा के बीच तीन हाथी अचानक बेकाबू हो गए, जिससे अफरा-तफरी मच गई और भगदड़ की स्थिति बन गई। हालांकि, समय पर हालात पर काबू पा लिया गया और कोई बड़ा नुकसान नहीं हुआ। यात्रियों में थोड़ी देर के लिए दहशत फैल गई।
अहमदाबाद में भगवान जगन्नाथ की रथयात्रा के दौरान 17 हाथियों को शामिल किया गया था। ये हाथी यात्रियों के साथ शांति से चल रहे थे, लेकिन अचानक तीन हाथी बेकाबू हो गए। हाथियों को भागता देख श्रद्धालुओं में अफरा-तफरी मच गई और लोग डर के मारे इधर-उधर दौड़ने लगे। स्थिति को भांपते हुए वन विभाग की टीम ने तत्काल कार्रवाई करते हुए हाथियों को काबू में कर लिया और उन्हें यात्रा से हटा दिया गया। बेकाबू हुए हाथियों में दो मादा और एक नर हाथी शामिल थे।
भगवान जगन्नाथ की रथयात्रा शुक्रवार को सुबह 7 बजे शुरू हुई थी। यात्रा में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह अपने पूरे परिवार के साथ शामिल हुए। उन्होंने यहां सुबह विधि विधान से भगवान जगन्नाथ की पूजा-अर्चना की। वहीं, गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने ‘पहिंद विधि’ की, जो सोने की झाड़ू से सड़कों की प्रतीकात्मक सफाई की एक पारंपरिक रस्म है।
यह शोभायात्रा आज 16 किलोमीटर की दूरी तय करेगी। कई ट्रकों को अलग-अलग थीम पर झांकियों के रूप में सजाया गया है। पूरे दिन भगवान जगन्नाथ और उनके भाई-बहन के दर्शन के लिए मार्ग के दोनों ओर लाखों श्रद्धालुओं के एकत्र होने की उम्मीद है। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि उन्होंने शोभायात्रा के लिए सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए हैं। वार्षिक रथयात्रा की सुरक्षा के लिए शहर में लगभग 23,800 सुरक्षाकर्मियों को तैनात किया गया है। इस रथयात्रा में 14-15 लाख लोगों के शामिल होने की उम्मीद है।यात्रा में भगदड़ जैसी स्थितियों को रोकने के लिए पहली बार कृत्रिम मेधा (AI) पर आधारित निगरानी प्रणाली का उपयोग किया जाएगा। एआई आधारित प्रणाली मार्ग में आग लगने की स्थिति में पुलिस और अग्निशमन विभाग को सूचित करेगी। इसके अलावा यह किसी विशेष क्षेत्र में बहुत अधिक लोगों के एकत्र होने पर पुलिस नियंत्रण कक्ष को भी सूचित करेगी।



