वॉशरूम के बाहर अचानक मिला ऑफर बना टर्निंग पॉइंट, विक्रांत मैसी ने ऐसे शुरू किया अपने सपनों का सफर

फिल्म इंडस्ट्री में अपनी दमदार और सहज एक्टिंग के लिए पहचाने जाने वाले विक्रांत मैसी आज किसी पहचान के मोहताज नहीं हैं। लेकिन उनकी सफलता के पीछे संघर्ष और मेहनत की लंबी कहानी छिपी है। छोटे पर्दे से लेकर बड़े पर्दे तक उन्होंने अपनी अलग पहचान बनाई है। विक्रांत मैसी ने एक इंटरव्यू में अपने करियर की शुरुआत का दिलचस्प किस्सा साझा किया था।
विक्रांत मैसी ने बताया कि वह एक बार वॉशरूम के बाहर लाइन में खड़े थे, तभी एक टीवी एग्जीक्यूटिव महिला ने उनसे पूछा कि क्या वह एक्टिंग करना चाहेंगे। इस अचानक मिले मौके ने विक्रांत मैसी की जिंदगी की दिशा ही बदल दी। बचपन से ही विक्रांत मैसी बनने का सपना देखने वाले विक्रांत ने इस मौके को तुरंत स्वीकार कर लिया।
विक्रांत मैसी को एक शो में काम करने का ऑफर मिला, जहां एक एपिसोड के 6 हजार रुपये मिलते थे। महीने में चार एपिसोड के हिसाब से 24 हजार रुपये बनते थे। हालांकि, उनके लिए पैसों से ज्यादा एक्टिंग का मौका महत्वपूर्ण था। टीवी इंडस्ट्री में उन्होंने ‘बालिका वधू’, ‘धरम वीर’, ‘बाबा ऐसो वर दीजो’ और ‘झलक दिखला जा 4’ जैसे शोज में काम किया। उनकी मेहनत और टैलेंट ने उन्हें धीरे-धीरे पहचान दिलाई।
करीब 10 साल तक टीवी में काम करने के बाद विक्रांत को फिल्म ‘लुटेरा’ में काम करने का मौका मिला। इसके बाद उन्होंने ‘अ डेथ इन द गंज’, ‘हाफ गर्लफ्रेंड’, ‘छपाक’ और ‘गैसलाइट’ जैसी फिल्मों में छोटे लेकिन प्रभावशाली किरदार निभाए। हालांकि, इस सफर में उन्हें कई बार रिजेक्शन का सामना करना पड़ा। कई प्रोड्यूसर्स यह कहने से भी नहीं हिचकिचाते थे कि अगर विक्रांत फिल्म में होंगे तो वे निवेश नहीं करेंगे। इसके बावजूद उन्होंने हार नहीं मानी और लगातार मेहनत करते रहे।
विक्रांत मैसी के करियर का टर्निंग पॉइंट बनी 12वीं फेल, जिसे विधु विनोद चोपड़ा ने निर्देशित किया। इस फिल्म में उन्होंने आईपीएस अधिकारी मनोज कुमार शर्मा की भूमिका निभाई, जिसे दर्शकों ने बेहद पसंद किया। फिल्म को देश और विदेश में खूब सराहना मिली और कई फिल्म फेस्टिवल में स्टैंडिंग ओवेशन भी मिला। लगभग 20 करोड़ के बजट में बनी इस फिल्म ने 65 करोड़ से ज्यादा की कमाई कर सुपरहिट का दर्जा हासिल किया।



