किसानों के लिए सुरक्षा कवच बनेगी प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना हेतु आवेदन 31 जुलाई तक

- बेहद कम प्रीमियम में मिलेगी प्राकृतिक आपदाओं से आर्थिक सुरक्षा
रायपुर, मुंगेली जिले में इस वर्ष वर्षा की अनिश्चितता को देखते हुए किसानों के हित में प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना एक प्रभावी सुरक्षा कवच साबित हो सकती है। कृषि विभाग ने किसानों से अपील की है कि वे 31 जुलाई 2026 तक अपनी अधिसूचित खरीफ फसलों का बीमा कराकर संभावित प्राकृतिक आपदाओं से होने वाले आर्थिक नुकसान से स्वयं को सुरक्षित करें। उप संचालक कृषि श्रीमती वीणा ठाकुर ने बताया कि जिले में इस वर्ष अब तक सामान्य से कम वर्षा दर्ज की गई है, जिससे खरीफ फसलों पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ने की आशंका बनी हुई है। ऐसे में प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना किसानों को आर्थिक संबल प्रदान करेगी और विपरीत परिस्थितियों में राहत का माध्यम बनेगी।
योजना के तहत धान (सिंचित एवं असिंचित), सोयाबीन, अरहर (तुअर), मक्का, उड़द, मूंग, मूंगफली, कोदो, कुटकी तथा रागी सहित अधिसूचित खरीफ फसलों का बीमा कराया जा सकता है। किसानों को केवल 2 प्रतिशत प्रीमियम का भुगतान करना होगा। प्रति हेक्टेयर किसान अंश राशि धान (सिंचित) के लिए 1,320 रुपये, धान (असिंचित) 946 रुपये, सोयाबीन 902 रुपये, अरहर 770 रुपये, मक्का 792 रुपये, उड़द एवं मूंग 484 रुपये, मूंगफली 924 रुपये, कोदो 352 रुपये, कुटकी 374 रुपये तथा रागी 330 रुपये निर्धारित की गई है। योजना के अंतर्गत बुवाई नहीं होने, फसल कटाई प्रयोग के आधार पर उपज में कमी, ओलावृष्टि, बादल फटना, प्राकृतिक आकाशीय बिजली तथा कटाई के बाद 14 दिनों के भीतर बेमौसम बारिश एवं चक्रवात से हुई क्षति जैसी परिस्थितियों में निर्धारित प्रावधानों के अनुसार क्षतिपूर्ति का लाभ मिलेगा।
किसानों को समझाइश दी गई है कि वे निकटतम बैंक शाखा, सहकारी समिति, लोक सेवा केंद्र (सीएससी) अथवा प्रधानमंत्री फसल बीमा पोर्टल के माध्यम से समय-सीमा के भीतर बीमा अवश्य कराएं। बीमा के लिए फसल बुआई प्रमाण-पत्र अथवा स्वघोषणा पत्र, नवीनतम भूमि अभिलेख, बैंक पासबुक, आधार कार्ड तथा सक्रिय मोबाइल नंबर आवश्यक होंगे। मौसम की अनिश्चितता के इस दौर में प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना किसानों की आय की सुरक्षा का मजबूत माध्यम है। जिले के सभी कृषकों से समय पर योजना का लाभ उठाने कहा गया है।


