कांग्रेस में TMC का विलय करेंगी ममता? कल्याण बनर्जी ने कर दिया साफ; अभिषेक को बताया बेटे जैसा

तृणमूल कांग्रेस (TMC) के कई सांसदों और विधायकों के बागी होने के बाद पार्टी के कांग्रेस में विलय की अटकलें तेज हो गईं। पिछले दिनों दिल्ली आकर ममता बनर्जी ने सोनिया गांधी और अभिषेक बनर्जी ने राहुल गांधी से मुलाकात की तो इन अटकलों को और बल मिला। अब टीएमसी के वरिष्ठ सांसद और ममता बनर्जी के करीबी नेता माने जाने वाले कल्याण बनर्जी ने सब साफ कर दिया है। उन्होंने कहा है कि टीएमसी कांग्रेस में अपना विलय नहीं करेगी। वहीं, ममता बनर्जी के भतीजे अभिषेक को लेकर भी कल्याण ने बदला हुआ रुख दिखाया है और उन्हें अपने बेटे जैसा बताया।
TMC के वरिष्ठ नेता कल्याण बनर्जी ने विलय की रिपोर्ट्स पर कहा, ”पार्टी कांग्रेस के साथ विलय नहीं कर रही है।” उन्होंने लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला से संपर्क करने की तैयारी कर रहे बागी सांसदों के बारे में भी बात की। उन्होंने कहा, ”उन्हें जो करना है करने दें। उन्हें भाजपा की शरण में ही रहना होगा। यह सब एक चाल है। वे अपने चुनाव क्षेत्रों के विकास का हवाला देते हैं, लेकिन जो लोग अपने चुनाव क्षेत्रों में जा ही नहीं सकते, वे क्या काम करेंगे? पश्चिम बंगाल में लोकतंत्र खत्म हो चुका है। सीएम से बातचीत के बाद भी पिछले एक महीने में क्या विकास हुआ है? भाजपा हमें परेशान कर रही है,
पुलिस हमें परेशान कर रही है। पश्चिम बंगाल में किसी भी विपक्ष को कभी ऐसी स्थिति का सामना नहीं करना पड़ा, जैसी हम कर रहे हैं। जो 19 सांसद भाजपा में जा रहे हैं, उन्हें भाजपा स्वीकार नहीं करेगी।”इससे पहले, टीएमसी सांसद कीर्ति आजाद ने भी टीएमसी और कांग्रेस के बीच संभावित विलय की खबरों को गलत बताते हुए खारिज कर दिया और दोहराया कि पार्टी आगामी चुनाव एक गठबंधन के हिस्से के रूप में लड़ेगी। राष्ट्रीय राजधानी में न्यूज एजेंसी एएनआई से बात करते हुए आजाद ने कहा, “कोई विलय नहीं होगा, यह सब गलत खबरें हैं। चुनाव गठबंधन के रूप में लड़ा जाएगा और गठबंधन बरकरार रहेगा।”
इससे पहले, कांग्रेस के शीर्ष नेतृत्व ने भी ऐसी अटकलों को खारिज कर दिया था।ममता बनर्जी के भतीजे अभिषेक बनर्जी पर तीखा निशाना साधने के बाद कल्याण बनर्जी ने सुलह का रुख अपनाया है। उन्होंने शनिवार को अभिषेक को अपने बेटे जैसा बताया और कहा कि बेटे की गलतियों को माफ करना पिता का फर्ज है। उन्होंने कहा, “वह मेरे बेटे जैसा है। बेटे की गलतियों को माफ करना पिता का काम है। देश में लोकतंत्र खतरे में है। पश्चिम बंगाल में कभी ऐसी स्थिति नहीं आई कि विपक्ष पूरी तरह खत्म हो जाए। यह लोकतंत्र के लिए खतरा है।”



