हमर छत्तीसगढ़

तीन दिन तक बंद रहा कमरा, बदबू आने पर पहुंची पुलिस तो मिला मां-बेटे का शव

रायपुर। राजधानी के गुढ़ियारी थाना क्षेत्र के छोटा अशोक नगर में उस समय हड़कंप मच गया, जब एक किराए के मकान में मां और बेटे के शव बरामद हुए। दोनों पिछले तीन से चार दिनों से कमरे में बंद थे। आसपास के लोगों को कमरे से तेज बदबू आने पर अनहोनी की आशंका हुई, जिसके बाद पुलिस को सूचना दी गई। मौके पर पहुंची पुलिस ने दरवाजा तोड़कर अंदर प्रवेश किया तो महिला का शव फर्श पर और बेटे का शव बिस्तर पर पड़ा मिला।

पुलिस के अनुसार मृतकों की पहचान जयजी देशमुख (52) और उनके बेटे हंसमुख देशमुख (25) के रूप में हुई है। मां-बेटे पिछले करीब चार वर्षों से दिलीप मंडल के मकान में किराए से रह रहे थे।

तीन-चार दिनों से नहीं खुला था दरवाजा

प्रारंभिक जानकारी के अनुसार मां-बेटे पिछले तीन से चार दिनों से कमरे से बाहर नहीं निकले थे। मकान का दरवाजा अंदर से बंद था। पड़ोसियों को जब कमरे से दुर्गंध आने लगी तो उन्होंने मकान मालिक को इसकी जानकारी दी और पुलिस को बुलाया। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर दरवाजा खुलवाने का प्रयास किया, लेकिन अंदर से बंद होने के कारण उसे तोड़ना पड़ा। कमरे में प्रवेश करने पर दोनों के शव मिले।

बीमार था बेटा, चल रहा था इलाज

मकान मालिक से पूछताछ में पुलिस को पता चला कि हंसमुख लंबे समय से बीमार था और उसका इलाज चल रहा था। प्रारंभिक जांच में मां-बेटे द्वारा आत्महत्या किए जाने की आशंका जताई जा रही है। हालांकि, पुलिस ने मौत के कारणों को लेकर अभी किसी अंतिम निष्कर्ष पर पहुंचने से इनकार किया है।

एफएसएल टीम ने जुटाए साक्ष्य

घटना की गंभीरता को देखते हुए पुलिस के साथ फॉरेंसिक साइंस लैब (एफएसएल) की टीम भी मौके पर पहुंची। टीम ने कमरे का बारीकी से निरीक्षण कर आवश्यक साक्ष्य जुटाए। पुलिस ने दोनों शवों को पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया है।

फिलहाल पुलिस आत्महत्या की आशंका सहित सभी संभावित पहलुओं को ध्यान में रखकर जांच कर रही है। पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मां-बेटे की मौत की वास्तविक वजह स्पष्ट हो सकेगी।

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