यूरिक एसिड के मरीज खाएं केला, जानिए डाइट में शामिल करने का सही तरीका

खराब खानपान और शरीर में यूरिक एसिड के असंतुलन के कारण कई लोगों को जोड़ों में दर्द और गाउट जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है। यूरिक एसिड शरीर में प्यूरीन के टूटने से बनता है। आमतौर पर किडनी इसे फिल्टर करके पेशाब के रास्ते शरीर से बाहर निकाल देती है। जब शरीर में इसका उत्पादन बढ़ जाता है या किडनी इसे पर्याप्त मात्रा में बाहर नहीं निकाल पाती, तब खून में यूरिक एसिड का स्तर बढ़ सकता है।

क्या केला यूरिक एसिड में फायदेमंद है?
केला कम-प्यूरीन वाले फलों में शामिल है और इसमें कार्बोहाइड्रेट, पोटेशियम तथा विटामिन सी जैसे पोषक तत्व पाए जाते हैं। संतुलित डाइट के हिस्से के रूप में केला खाना आमतौर पर यूरिक एसिड या गाउट वाले लोगों के लिए ठीक माना जाता है। हालांकि, सिर्फ केला खाने से बढ़ा हुआ यूरिक एसिड सामान्य होने का दावा सही नहीं है। यूरिक एसिड को नियंत्रित करने के लिए पूरी डाइट और डॉक्टर की सलाह महत्वपूर्ण होती है।
केला खाने का सही तरीका
यूरिक एसिड की समस्या होने पर केले को नाश्ते के तौर पर सीधे खाया जा सकता है। इसे सादे कम वसा वाले दही के साथ भी लिया जा सकता है। इसके अलावा कम वसा वाले दूध के साथ केले की स्मूदी बनाई जा सकती है। हालांकि, स्मूदी में अतिरिक्त चीनी या मीठे सिरप का इस्तेमाल करने से बचना बेहतर है।
कितनी मात्रा में खाएं?
केले की मात्रा व्यक्ति की उम्र, वजन, ब्लड शुगर और पूरी डाइट पर निर्भर करती है। इसलिए रोजाना 2-3 केले खाना हर व्यक्ति के लिए जरूरी या उचित नहीं माना जा सकता। सामान्य तौर पर संतुलित मात्रा में फल खाना बेहतर है।
इन बातों का भी रखें ध्यान
यूरिक एसिड बढ़ने पर सिर्फ किसी एक खाद्य पदार्थ पर निर्भर रहने के बजाय संतुलित आहार लेना जरूरी है। पर्याप्त पानी पीना, शराब और अधिक प्यूरीन वाले खाद्य पदार्थों का सेवन सीमित करना तथा वजन को स्वस्थ स्तर पर रखना मददगार हो सकता है। अगर बार-बार जोड़ों में तेज दर्द, सूजन या गाउट के लक्षण दिखाई दें, तो डॉक्टर से जांच और उचित उपचार लेना जरूरी है।



