दिल की सेहत के लिए फायदेमंद हैं ये 2 फल, ब्लड प्रेशर से लेकर कोलेस्ट्रॉल तक पर डाल सकते हैं असर

गर्मियों में आम भारतीय घरों का पसंदीदा फल होता है, जबकि एवोकाडो अब भारतीय खान-पान में भी तेजी से शामिल हो रहा है। आमतौर पर आम को मीठा होने की वजह से लोग वजन या ब्लड शुगर को लेकर सावधानी बरतते है। इसलिए इसे या तो कम खाते हैं या फिर बिल्कुल भी नहीं खाते हैं।
आम और एवोकाडो में क्या फर्क है
आम और एवोकाडो दोनों में कई पोषक तत्व पाए जाते हैं। इनमें पोटैशियम और विटामिन सी शामिल हैं। पोटैशियम रक्त वाहिकाओं के सामान्य कार्य और ब्लड प्रेशर को रेगुलर करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। दोनों फलों में पौधों से मिलने वाले ऐसे यौगिक भी होते हैं, जो ब्लड वेसेल्स की अंदरूनी लेयर के स्वास्थ्य को मजबूत बनाती है।

आम फोटो.सोशल मीडिया
एवोकाडो में मौजूद मोनोअनसैचुरेटेड फैट भी इसे दूसरे फलों से अलग बनाता है। शोध के अनुसार, अलग-अलग पोषक तत्व मिलकर शरीर पर सकारात्मक प्रभाव डालते हैं।भारतीय डाइट में आम को कैसे शामिल करें?
आम को केवल आमरस, शेक या मिठाई के रूप में खाने के बजाय पूरे फल के रूप में खाना बेहतर चॉइस हो सकता है। इसे नाश्ते, दही के साथ या भोजन के बीच फल के तौर पर लिया जाना चाहिए। अगर आप आम खाते हैं, तो उस दिन अपने बाकी भोजन में भी संतुलन रखें। उदाहरण के लिए, आम के साथ अत्यधिक मीठा पेय या मिठाइयों को खाने के बजाय दाल, सब्जियां, साबुत अनाज और प्रोटीन युक्त खाद्य पदार्थ शामिल करें।
एवोकाडो को भारतीय तरीके से कैसे खाएं?
एवोकाडो को महंगे विदेशी फल की तरह इस्तेमाल करने की जरूरत नहीं है। इसे रोटी या मल्टीग्रेन टोस्ट पर मैश करके, सलाद में डालकर या दही के साथ खाया जा सकता है। आप इसे टमाटर, प्याज, धनिया, नींबू और थोड़े मसालों के साथ मिलाकर भारतीय स्वाद वाली चटनी या स्प्रेड जैसा भी बना सकते हैं।



