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Tabu Birthday Special: 55 साल की हुईं तब्बू, बचपन में शुरू किया एक्टिंग का सफर; 2 नेशनल अवॉर्ड से हैं सम्मानित

Tabu Biography: हिंदी फिल्म इंडस्ट्री में जब भी संजीदा और दमदार अभिनय की बात होती है, तो दिमाग में सबसे पहले दिग्गज एक्ट्रेस तब्बू का नाम आता है। अपनी आंखों और शानदार अभिनय से किरदारों के हर जज्बात को पर्दे पर उतारने वाली तब्बू ने बॉलीवुड में अपनी एक अलग पहचान बनाई है। उन्होंने कमर्शियल फिल्मों से लेकर गंभीर और चुनौतीपूर्ण किरदारों तक हर तरह की भूमिकाओं में अपनी प्रतिभा साबित की है।

4 नवंबर को अपना जन्मदिन मनाने वाली तब्बू का फिल्मी सफर कई उतार-चढ़ाव और यादगार फिल्मों से भरा रहा है। आइए उनके जन्म, शुरुआती करियर और उन उपलब्धियों के बारे में जानते हैं, जिन्होंने उन्हें हिंदी सिनेमा की खास अभिनेत्रियों में शामिल किया।

बचपन में ही रख दिया था एक्टिंग की दुनिया में कदम

तब्बू का असली नाम तबस्सुम फातिमा हाशमी है। उनका जन्म 4 नवंबर 1971 को हैदराबाद में हुआ था। फिल्मी माहौल से उनका रिश्ता बचपन से ही रहा। वह अभिनेत्री शबाना आजमी की भतीजी हैं, जबकि उनकी बड़ी बहन फराह नाज भी 90 के दशक की चर्चित अभिनेत्रियों में शामिल रही हैं।

तब्बू ने बेहद कम उम्र में अभिनय की दुनिया में कदम रख दिया था। साल 1985 में आई देव आनंद की फिल्म ‘हम नौजवान’ में उन्होंने बतौर चाइल्ड आर्टिस्ट काम किया था। उस समय उनकी उम्र करीब 14 साल थी। इस फिल्म से उनके अभिनय के सफर की शुरुआत हुई और आगे चलकर उन्होंने अपनी मेहनत के दम पर इंडस्ट्री में खास मुकाम हासिल किया।

लीड एक्ट्रेस के तौर पर ऐसा रहा करियर का सफर

मुख्य अभिनेत्री के तौर पर तब्बू के करियर की शुरुआत भी काफी दिलचस्प रही। उनकी फिल्म ‘प्रेम’ की घोषणा पहले हुई थी, लेकिन इसके निर्माण में लंबा समय लग गया। इस बीच साल 1994 में अजय देवगन के साथ उनकी फिल्म ‘विजयपथ’ रिलीज हो गई।

‘विजयपथ’ में तब्बू के अभिनय को दर्शकों ने पसंद किया और फिल्म ने उनके करियर को नई पहचान दी। इस फिल्म के लिए उन्हें फिल्मफेयर का बेस्ट डेब्यू फीमेल अवॉर्ड भी मिला। इसके बाद उन्होंने पीछे मुड़कर नहीं देखा और लगातार अलग-अलग तरह के किरदार निभाए।

दो बार नेशनल फिल्म अवॉर्ड से हो चुकी हैं सम्मानित

तब्बू की सबसे बड़ी खासियत यह है कि उन्होंने कमर्शियल फिल्मों के साथ-साथ समानांतर और गंभीर सिनेमा में भी अपनी अभिनय क्षमता का लोहा मनवाया है। उनके शानदार अभिनय के लिए उन्हें दो बार सर्वश्रेष्ठ अभिनेत्री का राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार मिल चुका है।

उन्हें पहला राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार साल 1996 में आई फिल्म ‘माचिस’ के लिए मिला था। इसके बाद साल 2001 में फिल्म ‘चांदनी बार’ में दमदार अभिनय के लिए उन्हें दूसरी बार इस सम्मान से नवाजा गया।

सिनेमा में उनके योगदान को देखते हुए भारत सरकार ने साल 2011 में उन्हें पद्म श्री से भी सम्मानित किया। यह सम्मान उनके शानदार फिल्मी सफर की एक बड़ी उपलब्धि है।

संजीदा और चुनौतीपूर्ण किरदारों से बनाई खास पहचान

तब्बू ने अपने करियर में कई ऐसे किरदार निभाए, जिनमें अभिनय की गहराई और भावनात्मक मजबूती की जरूरत थी। ‘मकबूल’, ‘हैदर’, ‘अंधाधुन’ और ‘दृश्यम’ जैसी फिल्मों में उनके काम को खूब सराहना मिली।

इसके अलावा उन्होंने ‘विरासत’ जैसी फिल्मों में भी अपने अभिनय से दर्शकों का दिल जीता। तब्बू की खासियत है कि वह हर किरदार को अपनी अलग पहचान देती हैं। यही वजह है कि वह आज भी हिंदी सिनेमा की सबसे प्रतिभाशाली और भरोसेमंद अभिनेत्रियों में गिनी जाती हैं।

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