45 की उम्र में Shweta Tiwari का फिटनेस फॉर्मूला, Pilates से डाइट तक जानें क्या है रूटीन

मुंबई: टीवी की पॉपुलर एक्ट्रेस श्वेता तिवारी अपनी एक्टिंग के साथ-साथ फिटनेस और ग्लोइंग लुक को लेकर भी अक्सर चर्चा में रहती हैं। 45 साल की उम्र में भी उनका फिट अंदाज फैंस का ध्यान खींचता है। श्वेता की फिटनेस का फोकस सिर्फ वजन कम करने तक सीमित नहीं है, बल्कि शरीर को एक्टिव और मजबूत बनाए रखना भी उनकी रूटीन का हिस्सा है।

Pilates को बनाया वर्कआउट का हिस्सा
श्वेता तिवारी अपनी फिटनेस रूटीन में Pilates को भी शामिल करती हैं। Pilates मुख्य रूप से शरीर के कोर, बैलेंस और फ्लेक्सिबिलिटी पर काम करने वाली एक्सरसाइज है।
इसके साथ श्वेता वेट ट्रेनिंग भी करती हैं। वेट ट्रेनिंग मसल्स को मजबूत बनाने और शरीर की ताकत बनाए रखने में मदद कर सकती है। एक्ट्रेस ने अपनी फिटनेस रूटीन में योग को शामिल नहीं किया है।
रोजाना वॉकिंग पर भी जोर
फिट रहने के लिए सिर्फ हाई-इंटेंसिटी वर्कआउट करना जरूरी नहीं है। श्वेता की रूटीन में वॉकिंग भी शामिल है। नियमित रूप से पैदल चलना शरीर को एक्टिव रखने का आसान तरीका है और इसे रोजमर्रा की लाइफस्टाइल में आसानी से शामिल किया जा सकता है।
डाइट में रखती हैं वैरायटी
श्वेता की फिटनेस रूटीन में डाइट भी अहम भूमिका निभाती है। वह किसी एक खास फूड को अपनी फिटनेस का पूरा श्रेय देने के बजाय खाने में संतुलन और वैरायटी पर ध्यान देती हैं।
फिटनेस के लिए केवल कम खाना ही जरूरी नहीं है। शरीर की जरूरत के मुताबिक पर्याप्त और संतुलित पोषण लेना भी महत्वपूर्ण है।
उम्र के साथ बदली फिटनेस अप्रोच
उम्र बढ़ने के साथ शरीर की जरूरतें भी बदलती हैं। ऐसे में वर्कआउट को अपनी क्षमता और शरीर की जरूरत के हिसाब से रखना जरूरी है। Pilates, वेट ट्रेनिंग और वॉकिंग जैसी गतिविधियों को अपनी फिटनेस और स्वास्थ्य के अनुसार अपनाया जा सकता है।
श्वेता की रूटीन से यह भी संकेत मिलता है कि फिटनेस के लिए नियमितता बेहद महत्वपूर्ण है। किसी दूसरे व्यक्ति की डाइट या एक्सरसाइज को हूबहू फॉलो करने के बजाय अपनी जरूरत के अनुसार रूटीन बनाना ज्यादा उपयोगी हो सकता है।
वर्कआउट के साथ रिकवरी भी जरूरी
फिटनेस में एक्सरसाइज के साथ आराम और रिकवरी को भी महत्व दिया जाता है। शरीर को पर्याप्त आराम देना मसल्स की रिकवरी और रोजाना एक्टिव रहने के लिए जरूरी है।
इस तरह श्वेता तिवारी की फिटनेस रूटीन में Pilates, वेट ट्रेनिंग, वॉकिंग, संतुलित डाइट और पर्याप्त रिकवरी जैसे पहलू शामिल नजर आते हैं। हालांकि, किसी भी नए वर्कआउट या डाइट को शुरू करने से पहले अपनी शारीरिक स्थिति के अनुसार विशेषज्ञ की सलाह लेना बेहतर होता है।



