
नई दिल्ली। हॉकी के महान खिलाड़ी मेजर ध्यानचंद की जयंती के अवसर पर आज पूरे देश में राष्ट्रीय खेल दिवस मनाया जा रहा है। इस मौके पर उपराष्ट्रपति सी. पी. राधाकृष्णन, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय खेल मंत्री मनसुख मांडविया ने देशवासियों को शुभकामनाएं दीं और मेजर ध्यानचंद के खेल योगदान को याद किया।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर वीडियो साझा कर राष्ट्रीय खेल दिवस की बधाई दी। उन्होंने मेजर ध्यानचंद को श्रद्धांजलि देते हुए कहा कि उनकी असाधारण प्रतिभा, अनुशासन और खेल के प्रति समर्पण आने वाली पीढ़ियों को प्रेरित करता रहेगा। प्रधानमंत्री ने देश के खिलाड़ियों और खेल प्रेमियों के जुनून, मेहनत और मजबूत इरादों की भी सराहना की।
उपराष्ट्रपति ने भी किया मेजर ध्यानचंद को याद
उपराष्ट्रपति सी. पी. राधाकृष्णन ने राष्ट्रीय खेल दिवस की शुभकामनाएं देते हुए मेजर ध्यानचंद की विरासत को याद किया। उन्होंने कहा कि यह दिन दृढ़ संकल्प, अनुशासन और बेहतर प्रदर्शन की भावना का उत्सव है। उन्होंने कहा कि भारत का तेजी से विकसित होता खेल तंत्र देश में हर स्तर पर प्रतिभाओं को आगे बढ़ाने की प्रतिबद्धता को दर्शाता है।
उपराष्ट्रपति ने भारतीय खिलाड़ियों की उपलब्धियों की सराहना करते हुए कहा कि खिलाड़ी अंतरराष्ट्रीय मंचों पर देश का नाम रोशन कर रहे हैं और युवाओं को बड़े सपने देखने के लिए प्रेरित कर रहे हैं। उन्होंने युवाओं से फिटनेस को जीवन का हिस्सा बनाने और खेलों में अधिक से अधिक भाग लेने की अपील की।
खेल मंत्री ने बताया खास अभियान
केंद्रीय खेल मंत्री मनसुख मांडविया ने बताया कि मेजर ध्यानचंद की 121वीं जयंती के अवसर पर देशभर में फिट इंडिया अभियान को आगे बढ़ाने के लिए विशेष कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। इन कार्यक्रमों के माध्यम से लोगों और युवाओं को कम से कम एक घंटे खेल के मैदान में समय बिताने के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है।
मांडविया ने कहा कि देशभर में लाखों युवा स्थानीय मैदानों और खेल स्थलों पर पहुंचकर विभिन्न खेल एवं फिटनेस गतिविधियों में हिस्सा ले रहे हैं। उन्होंने कहा कि देश के विकास के लिए स्वस्थ और फिट समाज बेहद जरूरी है।
‘एक घंटा खेल के मैदान में’
खेल मंत्री ने लोगों से हर सप्ताह कम से कम एक घंटा खेल के मैदान में बिताने और शारीरिक गतिविधियों को अपनी दिनचर्या का हिस्सा बनाने की अपील की। राष्ट्रीय खेल दिवस का उद्देश्य केवल मेजर ध्यानचंद के गौरवशाली करियर को याद करना ही नहीं, बल्कि युवाओं और आम लोगों को खेल, फिटनेस और स्वस्थ जीवनशैली के प्रति जागरूक करना भी है।



