हमर छत्तीसगढ़

 छत्तीसगढ़ में श्रमिकों के अधिकारों को बड़ा संरक्षण

राज्य शासन ने अधिसूचित किए छत्तीसगढ़ सामाजिक सुरक्षा नियम, 2026

रायपुर, छत्तीसगढ़ शासन के श्रम विभाग ने राज्य के श्रमिकों और कर्मचारियों के सामाजिक सुरक्षा अधिकारों को और अधिक मजबूत व प्रभावी बनाने की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम उठाया है। राज्य शासन द्वारा ‘सामाजिक सुरक्षा संहिता, 2020’ के प्रावधानों के तहत छत्तीसगढ़ सामाजिक सुरक्षा नियम, 2026 को आधिकारिक रूप से अधिसूचित कर दिया गया है। इस संबंध में श्रम विभाग, मंत्रालय (महानदी भवन, नवा रायपुर अटल नगर) द्वारा गत 30 अक्टूबर 2026 को राजपत्र में अधिसूचना प्रकाशित कर दी गई है।

सुझावों पर विचार के बाद लागू हुए अंतिम नियम

उल्लेखनीय है कि इन नए नियमों का प्रारूप पहले 10 अप्रैल 2026 को राजपत्र में प्रकाशित किया गया था, जिसके माध्यम से आम जनता, संबंधित संस्थाओं, हितधारकों और अन्य पक्षों से आपत्तियां एवं सुझाव आमंत्रित किए गए थे। प्राप्त सुझावों पर राज्य शासन द्वारा गंभीरता से विचार-विमर्श करने के पश्चात अब इन अंतिम नियमों को अधिसूचित कर दिया गया है। ये नवीन नियम सामाजिक सुरक्षा संहिता, 2020 की धारा 154, 156 और 158 के तहत प्रदत्त शक्तियों का उपयोग करते हुए बनाए गए हैं। इसके जरिए राज्य में सामाजिक सुरक्षा से जुड़े प्रावधानों के क्रियान्वयन के लिए एक सुव्यवस्थित और पारदर्शी नियामक ढांचा तैयार किया गया है।

इन क्षेत्रों को मिलेगा सीधा लाभ

इस अधिसूचना के लागू होने से पूर्व में प्रचलित विभिन्न राज्य स्तरीय श्रम और सामाजिक सुरक्षा नियमों के स्थान पर एक एकीकृत और आधुनिक व्यवस्था स्थापित होगी। इसमें मुख्य रूप से कर्मकार क्षतिपूर्ति, प्रसूति प्रसुविधा, उपदान भुगतान, भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण और असंगठित कर्मकार सामाजिक सुरक्षा क्षेत्र शामिल हैं। 

श्रमिक कल्याण की दिशा में मील का पत्थर

राज्य शासन की इस पहल को संगठित और असंगठित क्षेत्र के कामगारों, श्रमिकों तथा कर्मचारियों के लिए सामाजिक सुरक्षा व्यवस्था को अधिक सरल, पारदर्शी और प्रभावी बनाने की दिशा में एक बड़ा मील का पत्थर माना जा रहा है। इस व्यवस्था से राज्य में श्रम प्रशासन नवीन कानूनी स्वरूप के अनुरूप और अधिक सुदृढ़ होगा।

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