ब्रिटेन के बंदरगाहों पर चलेगा अडानी का सिक्का, 21 पोर्ट्स पर है अब कंपनी की नजर

इजरायल और श्रीलंका के बाद अब भारत के मशहूर दिग्गज कारोबारी गौतम अडानी ब्रिटेन के पोर्ट सेक्टर में अपनी बड़ी एंट्री करने जा रहे हैं। भारत की सबसे बड़ी प्राइवेट पोर्ट ऑपरेटर कंपनी अडानी पोर्ट्स एंड स्पेशल इकोनॉमिक ज़ोन (APSEZ) अब यूके की सबसे बड़ी ऑपरेटर कंपनी एसोसिएटेड ब्रिटिश पोर्ट्स (ABP) के लिए बोली लगाने पर विचार कर रही है।
गौतम अडानी 2031 तक दुनिया की सबसे बड़ी ट्रांसपोर्ट यूटिलिटी कंपनी बनने के मकसद से अपने पोर्ट कारोबार का लगातार विस्तार करना चाहते हैं। वर्तमान समय में ABP में लगभग 63.9 फीसदी हिस्सेदारी यानी कंट्रोलिंग स्टेक बिक्री के लिए पूरी तरह से उपलब्ध है। यह बड़ी हिस्सेदारी अभी दो बड़े कनाडाई पेंशन फंड्स के पास मौजूद है, जिन्होंने हिस्सेदारी बेचने के लिए बैंकर्स नियुक्त किए हैं।
कनाडा पेंशन प्लान इन्वेस्टमेंट बोर्ड (CPPIB) के पास कंपनी की 30 फीसदी और ओंटारियो म्युनिसिपल एम्प्लॉइज रिटायरमेंट सिस्टम (OMERS) के पास ABP की 33.88 फीसदी हिस्सेदारी है। ABP इंग्लैंड, स्कॉटलैंड और वेल्स में रणनीतिक रूप से अहम 21 बंदरगाहों की मालिक है और उनका बेहतर संचालन करती है। इनमें टनेज के हिसाब से UK का सबसे बड़ा पोर्ट इमिंगहम और देश का नंबर वन एक्सपोर्ट पोर्ट साउथैम्पटन शामिल हैं।
साउथैम्पटन से हर साल करीब 40 अरब पाउंड का भारी एक्सपोर्ट किया जाता है जो इसे व्यापार के लिए बहुत खास बनाता है। ABP ऑफशोर विंड इंडस्ट्री का पार्टनर भी है और इस अहम सेक्टर की 50 फीसदी से ज्यादा गतिविधियों के लिए मेंटेनेंस की सुविधा देता है। कंपनी द्वारा चलाए जा रहे ये सभी खास पोर्ट्स देश के समुद्री व्यापार का लगभग एक-चौथाई हिस्सा बहुत आसानी से संभालते हैं।
साल 2025 में इन 21 पोर्ट्स ने 42.5 मिलियन टन बल्क कार्गो और 3.1 मिलियन यूनिट यूनिटाइज्ड कार्गो को शानदार तरीके से संभाला था। इन पोर्ट्स के माध्यम से 819.8 मिलियन पाउंड का रेवेन्यू और 586.5 मिलियन पाउंड का भारी ऑपरेटिंग प्रॉफ़िट प्राप्त हुआ था। अडानी की यह कंपनी भारत में 15 मल्टी-कमोडिटी पोर्ट्स का नेटवर्क चलाती है, जिनकी कार्गो हैंडलिंग क्षमता 653 मिलियन टन है।
इसके अलावा, यह इजराइल में हाइफा, तंजानिया में दार एस सलाम, कोलंबो और ऑस्ट्रेलिया जैसे स्थानों पर चार इंटरनेशनल पोर्ट्स भी चलाती है, जिनकी क्षमता 144 mt है। वित्त वर्ष 2026 में, APSEZ ने 501 mt कार्गो को सफलतापूर्वक संभाला था और अपना लक्ष्य बड़ा किया है। पोर्ट ऑपरेटर का लक्ष्य 2030 तक अपनी कार्गो हैंडलिंग क्षमता को 1 बिलियन टन तक तेजी से बढ़ाना है।
तब तक कंपनी को कम से कम 850 MT कार्गो संभालने की पूरी उम्मीद है और वह अपने मरीन बेड़े को 136 से 200 करेगी। APSEZ ने कहा है कि वह क्षमता बढ़ाने के लिए अगले पांच वर्षों में 1 लाख करोड़ रुपए तक का निवेश करने की योजना बना रही है। इसमें से 63,000 करोड़ रुपए घरेलू पोर्ट्स बिजनेस को तेजी से बढ़ाने के लिए तय किए गए हैं।
इंटरनेशनल पोर्ट विस्तार के लिए 7,000 करोड़ रुपए तय किया गया है, जो मुख्य रूप से कोलंबो टर्मिनल के दूसरे फेज के लिए है। पोर्ट ऑपरेटर के पास 12,193 करोड़ रुपए कैश और कैश के बराबर के असेट्स हैं, लेकिन उस पर 55,103 करोड़ रुपए का भारी कर्ज भी है। कंपनी अब पायलटेज और कंजर्वेंसी सेवाओं से भी अच्छी कमाई पर अपना पूरा ध्यान केंद्रित कर रही है।



