फोन चोरी होने पर अपने बैंक अकाउंट और पर्सनल डेटा को ऐसे रखें सुरक्षित, 5 पॉइंट में समझें पूरी बातें

आज के समय में स्मार्टफोन केवल कॉल करने का साधन नहीं रह गया है. स्मार्टफोन में बैंक अकाउंट, UPI ऐप्स, ईमेल, पासवर्ड, निजी दस्तावेज और कई अहम जानकारियां मौजूद रहती हैं. ऐसे में अगर फोन चोरी हो जाए या कहीं गुम हो जाए, तो चिंता काफी बढ़ जाती है. लोगों के लिए जरूरी है कि वह स्मार्टफोन चोरी होने के बाद कुछ जरूरी कदम उठाएं, जिससे पहले बड़े वित्तीय नुकसान या फ्रॉड से बच सकें. आज हम आपको इसी के बारे में बताने वाले हैं. आइए जानते हैं डिटेल्स.
मोबाइल फोन चोरी या खो जाने के बाद सबसे पहले आपके लिए जरूरी है कि आप अपने मोबाइल नंबर को सबसे पहले बंद करें. इसके लिए आप अपने टेलीकॉम ऑपरेटर से संपर्क करें और SIM कार्ड ब्लॉक करा दें. इससे कोई भी व्यक्ति आपके नंबर पर आने वाले OTP का इस्तेमाल करके बैंक अकाउंट या UPI ऐप तक पहुंच नहीं बना सकेगा.
अगर आपका फोन Android है तो Find My Device और iPhone है तो Find My iPhone की मदद से उसकी लोकेशन पता लगाने की कोशिश करें. अगर फोन मिलने की संभावना कम लग रही हो, तो आप उसे रिमोटली लॉक कर दें या जरूरत पड़ने पर सारा डेटा डिलीट कर दें. इससे आपकी निजी जानकारी, फोटो, ईमेल और बैंकिंग ऐप सुरक्षित रहेंगे.
फोन खोने के बाद अपने बैंक और UPI सेवा प्रदाता से संपर्क करें और जरूरत पड़ने पर नेट बैंकिंग, UPI या मोबाइल बैंकिंग की सुविधा अस्थायी रूप से बंद करवा दें. इससे आपका बैंक अकाउंट सुरक्षित हो जाएगा और चोर आपके मोबाइल फोन से UPI का इस्तेमाल नहीं कर पाएगा.
कई लोग केवल बैंकिंग ऐप सुरक्षित करने पर ध्यान देते हैं, लेकिन ईमेल अकाउंट भी उतना ही महत्वपूर्ण होता है. अधिकांश बैंक, सोशल मीडिया और अन्य ऑनलाइन सेवाएं पासवर्ड बदलने या अकाउंट वेरीफाई करने के लिए ईमेल का इस्तेमाल करती हैं. ऐसे में फोन खोने या चोरी होने पर अपने ईमेल का पासवर्ड बदल दें.
फोन चोरी होने पर अपने नजदीकी पुलिस स्टेशन में शिकायत जरूर दर्ज कराएं. शिकायत करते समय अपने फोन का IMEI नंबर जरूर दें. FIR या शिकायत की कॉपी भविष्य में किसी धोखाधड़ी या कानूनी जांच के दौरान आपके लिए मददगार साबित हो सकती है. इसके साथ साथ अपने बैंक खाते को ट्रैक करते रहे और किसी भी तरह की अंजान पेमेंट दिखने पर बैंक से संपर्क करें.



