
नागोया: एशियन गेम्स 2026 में भारत का टेकबॉल अभियान बिना पदक के समाप्त हो गया। रविवार को मिक्स्ड डबल्स के कांस्य पदक मुकाबले में भारतीय जोड़ी क्विम्सी डिसूजा और मोहम्मद अनस इमरान बेग को वियतनाम के गुयेन होआंग मिन्ह टैन और ट्रिन्ह जिया न्घी के खिलाफ 9-12, 6-12 से हार का सामना करना पड़ा।
इस हार के बाद भारतीय जोड़ी को चौथे स्थान से संतोष करना पड़ा और वियतनाम ने कांस्य पदक अपने नाम कर लिया।
पहले सेट में भारत ने बनाई थी बढ़त
मुकाबले की शुरुआत भारतीय जोड़ी के लिए अच्छी रही। दोनों टीमों के बीच स्कोर 6-6 से बराबर था। इसके बाद क्विम्सी और अनस ने लगातार अंक हासिल करते हुए 8-6 की बढ़त बना ली।
हालांकि, भारतीय खिलाड़ी इस बढ़त को कायम नहीं रख सके। वियतनाम ने वापसी करते हुए लगातार पॉइंट जुटाए और पहला सेट 12-9 से अपने नाम कर लिया।
दूसरे सेट में भी नहीं बदली तस्वीर
दूसरे सेट में भारतीय जोड़ी ने मुकाबले में लौटने की कोशिश की, लेकिन अहम मौकों पर अंक गंवाने से दबाव बढ़ता गया। वियतनाम ने धीरे-धीरे अपनी बढ़त मजबूत की और दूसरा सेट 12-6 से जीतकर कांस्य पदक पक्का कर लिया।
चोट से भी परेशान हुईं क्विम्सी
मुकाबले के दौरान क्विम्सी डिसूजा की चोट ने भारतीय टीम की मुश्किलें और बढ़ा दीं। दूसरे सेट में उन्हें मेडिकल ब्रेक लेना पड़ा। इलाज के बाद उन्होंने कोर्ट पर वापसी की, लेकिन सर्विस के दौरान उनकी परेशानी साफ नजर आई।
जब खेल दोबारा शुरू हुआ, तब भारत 5-9 से पीछे था। इसके बाद भारतीय जोड़ी सिर्फ एक और अंक हासिल कर सकी और वियतनाम ने मुकाबला अपने पक्ष में कर लिया।
महिला एकल में भी पदक से चूकीं क्विम्सी
क्विम्सी डिसूजा के लिए यह एशियन गेम्स का अभियान निराशाजनक रहा। मिक्स्ड डबल्स से पहले वह महिला एकल के कांस्य पदक मुकाबले में भी उतरी थीं। वहां उन्हें जापान की युइना सकामोटो के खिलाफ हार मिली थी।
इस तरह टेकबॉल की दोनों स्पर्धाओं में पदक के करीब पहुंचने के बावजूद क्विम्सी को खाली हाथ लौटना पड़ा।
बिना पदक खत्म हुआ भारत का टेकबॉल अभियान
मिक्स्ड डबल्स में हार के साथ एशियन गेम्स 2026 में भारत का टेकबॉल अभियान समाप्त हो गया। भारतीय खिलाड़ियों ने पदक मुकाबलों तक पहुंचकर उम्मीद जगाई, लेकिन अंतिम चरण में जीत हासिल नहीं कर सके।
अब भारतीय दल की नजर खेलों की अन्य स्पर्धाओं में पदकों पर रहेगी।



