‘राहुल गांधी से थी अनशन तुड़वाने की उम्मीद, लेकिन नहीं मिला जवाब’ — सोनम वांगचुक

सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक पिछले दिनों नीट पेपर लीक के मुद्दे पर सरकार के खिलाफ भूख हड़ताल पर बैठे थे। वांगचुक ने सरकार से कार्रवाई आश्वासन मिलने के बाद अपना 26 दिनों से चला आ रहा अनशन खत्म कर दिया था। अब उन्होंने छात्रों के प्रदर्शन और भूख हड़ताल खत्म करने को लेकर बड़ा बयान दिया है।
सोनम वांगचुक ने हाल ही में मीडिया से बात करते हुए कहा कि, वो चाहते थे कि राहुल गांधी उनका अनशन खत्म करवाएं, लेकिन उन्हें कांग्रेस नेता की ओर से कोई सकारात्मक प्रतिक्रिया नहीं मिली। वांगचुक ने यह भी आरोप लगाया कि केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा और जितेंद्र सिंह ने उनसे किया गया वादा तोड़ दिया। इसके बाद उनका भरोसा नेताओं पर से उठ गया है।
सोनम वांगचुक ने मीडिया से बात करते हुए कहा कि हम चाहते थे कि राहुल गांधी मेरे अनशन को जूस पिलाकर तुड़वाएं। मेरी पत्नी गीतांजलि ने इस पर काफी मेहनत की। वो लगातार राहुल गांधी को संपर्क करने की कोशिश कर रही थी,लेकिन हमें उनके ओर से कोई सकारात्मक जवाब नहीं मिला।
उन्होंने कहा कि अपनी पत्नी द्वारा राहुल गांधी पर की गई टिप्पणी को लेकर कहा कि उनके पीछे की वजह निराशा थी। वांगचुक ने आरोप लगाया कि, जंतर-मंतर पर भी बहुत कम नेता आए और वे भी काफी देर से पहुंचे। इसके चलते उनकी पत्नी निराश थी और उन्होंने राहुल गांधी पर टिप्पणी की थी।
सोनम वांगचुक ने केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा और जितेंद्र सिंह रक वादा तोड़ने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा, बीजेपी नेताओं ने मुझसे वादा किया था कि औपचारिक घोषणा होने तक मेरे अनशन खत्म होने और मुझे सूप पिलाने वाली तस्वीरें जारी नहीं करेंगे। लेकिन उन्होंने अपना वादा तोड़ दिया। अब मेरा सभी नेताओं पर से भरोसा उठ गया है।
वांगचुक ने कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) की जमकर तारीफ की। उन्होंने कहा कि जंतर-मंतर पर सीजेपी का आंदोलन सही मुद्दों को लेकर था। उन्होंने कहा, मैंने कॉकरोच जनता पार्टी को करीब से देखा है। सीजेपी के लोग निष्पक्ष हैं और सही मकसद के लिए काम कर रहे हैं। वह किसी भी पार्टी से नहीं जुड़े हैं।



