SIR विवाद गरमाया, चुनाव आयोग के खिलाफ विपक्ष का मार्च

नई दिल्ली। देश में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) को लेकर विपक्ष और चुनाव आयोग के बीच जारी टकराव के बीच INDIA ब्लॉक के सांसद मंगलवार को संसद भवन से निर्वाचन सदन तक मार्च निकाल रहे हैं। विपक्षी दलों का आरोप है कि SIR प्रक्रिया के दौरान मतदाता सूची में गंभीर अनियमितताएं सामने आई हैं। इसी मुद्दे को लेकर विपक्ष मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग कर रहा है।
प्रस्तावित मार्च को देखते हुए राष्ट्रीय राजधानी के कई महत्वपूर्ण इलाकों में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है। INDIA ब्लॉक के सांसद सुबह करीब 10:30 बजे संसद भवन के मकर द्वार पर एकत्र हुए, जिसके बाद निर्वाचन आयोग के मुख्यालय तक शांतिपूर्ण मार्च का कार्यक्रम तय किया गया।
इस मार्च में INDIA गठबंधन की विभिन्न पार्टियों के नेता और सांसद शामिल हो रहे हैं। विपक्ष का कहना है कि मतदाता सूची में कथित गड़बड़ियों और वोटरों के नाम हटाए जाने जैसे मुद्दों को लेकर चुनाव आयोग से जवाब मांगा जाएगा। कांग्रेस ने इसे अपने ‘लोकतंत्र बचाओ’ अभियान के तहत आयोजित विरोध प्रदर्शन का हिस्सा बताया है।
कांग्रेस सांसद जयराम रमेश ने इससे पहले कहा था कि INDIA गठबंधन के तय कार्यक्रम के तहत सभी विपक्षी दलों के सांसद संसद भवन से चुनाव आयोग तक शांतिपूर्ण मार्च करेंगे। विपक्षी दलों ने 8 अक्टूबर तक जिला स्तर पर भी पदयात्राएं, बैठकें और विरोध प्रदर्शन आयोजित करने का ऐलान किया है। इन कार्यक्रमों के जरिए मतदाता सूची से जुड़े मुद्दों को जनता के बीच उठाने की योजना है।
वहीं, सोमवार को सुप्रीम कोर्ट में मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ दायर याचिका पर सुनवाई हुई थी। अदालत ने मामले में अंतरिम आदेश देने से इनकार करते हुए कहा कि केवल मीडिया रिपोर्टों के आधार पर आदेश जारी नहीं किया जा सकता। हालांकि, सुप्रीम कोर्ट ने चुनाव आयोग को नोटिस जारी कर इस मामले में जवाब मांगा है।
सुप्रीम कोर्ट की सुनवाई के अगले ही दिन INDIA ब्लॉक का निर्वाचन सदन तक मार्च विपक्ष और चुनाव आयोग के बीच बढ़ते राजनीतिक टकराव को दर्शाता है। अब सभी की नजर इस बात पर है कि मार्च के दौरान विपक्ष की ओर से क्या मांगें रखी जाती हैं और चुनाव आयोग की ओर से इस पर क्या प्रतिक्रिया आती है।



