चेन्नई में स्टारबक्स का पहला ग्लोबल टेक हब, 800 नौकरियों के अवसर

चेन्नई। तमिलनाडु के टेक्नोलॉजी सेक्टर को बड़ी अंतरराष्ट्रीय सौगात मिली है। कॉफी कंपनी स्टारबक्स चेन्नई में अपना ग्लोबल टेक्नोलॉजी हब स्थापित करने जा रही है। अमेरिका के बाहर यह कंपनी का पहला कॉरपोरेट टेक्नोलॉजी हब होगा। प्रस्तावित केंद्र के जरिए करीब 800 तकनीकी नौकरियां पैदा होने की उम्मीद है।
इस संबंध में तमिलनाडु सरकार और स्टारबक्स के बीच समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किए गए हैं। कंपनी के अनुसार, चेन्नई का चयन यहां उपलब्ध मजबूत टेक्नोलॉजी टैलेंट, इंजीनियरिंग इकोसिस्टम, बेहतर बुनियादी ढांचे और प्रतिष्ठित शैक्षणिक संस्थानों के कारण किया गया है।
ग्लोबल बिजनेस को मिलेगा टेक सपोर्ट
चेन्नई में स्थापित होने वाला यह टेक हब स्टारबक्स के वैश्विक कारोबार को तकनीकी सहायता प्रदान करेगा। यहां काम करने वाली टीमें अमेरिका और अन्य देशों में मौजूद कंपनी की टेक्नोलॉजी एवं बिजनेस टीमों के साथ मिलकर काम करेंगी। कंपनी के मौजूदा प्रमुख टेक्नोलॉजी केंद्र अमेरिका के सिएटल और नैशविल में हैं।
यह नया केंद्र भारत में स्टारबक्स के टाटा कंज्यूमर प्रोडक्ट्स के साथ चल रहे रिटेल जॉइंट वेंचर से अलग होगा। इसका मुख्य फोकस टेक्नोलॉजी डेवलपमेंट और ग्लोबल बिजनेस सपोर्ट पर रहेगा।
तमिलनाडु की GCC नीति का फायदा
स्टारबक्स का यह निवेश ऐसे समय में आया है, जब तमिलनाडु सरकार ग्लोबल कंपनियों को राज्य में Global Capability Centres (GCCs) स्थापित करने के लिए प्रोत्साहित कर रही है। राज्य की GCC स्पेशल स्कीम 2024-2027 के तहत पात्र कंपनियों को निवेश और रोजगार सृजन के लिए विभिन्न प्रोत्साहन दिए जा रहे हैं।
नीति के तहत हाई-पेइंग नौकरियां पैदा करने वाली पात्र कंपनियों को तीन वर्षों तक पेरोल सब्सिडी का प्रावधान है। पहले वर्ष में 30 प्रतिशत, दूसरे वर्ष में 20 प्रतिशत और तीसरे वर्ष में 10 प्रतिशत तक सब्सिडी दी जा सकती है।
स्टारबक्स के चेन्नई टेक हब से तमिलनाडु के टेक्नोलॉजी और इंजीनियरिंग सेक्टर को बढ़ावा मिलने के साथ स्थानीय स्तर पर उच्च कौशल वाली नौकरियों के नए अवसर पैदा होने की उम्मीद है।


