Sardar Vallabhbhai Patel Jayanti 2026: अमित शाह ने सरदार पटेल को किया नमन, बोले- उनके प्रयासों से बना अखंड भारत

Sardar Vallabhbhai Patel Jayanti 2026: देशभर में 31 अक्टूबर को लौह पुरुष सरदार वल्लभभाई पटेल की 151वीं जयंती राष्ट्रीय एकता दिवस के रूप में मनाई जा रही है। इस मौके पर राजधानी नई दिल्ली में ‘रन फॉर यूनिटी’ का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने सरदार पटेल को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए उनके योगदान को याद किया। उन्होंने कहा कि सरदार पटेल का पूरा जीवन त्याग, समर्पण और राष्ट्रभक्ति की मिसाल है। उनका व्यक्तित्व आज भी देश के युवाओं को राष्ट्र निर्माण की प्रेरणा देता है।
अमित शाह ने कहा कि आजादी के बाद भारत को एकजुट रखने में सरदार पटेल की भूमिका सबसे महत्वपूर्ण रही। उन्होंने अपनी दृढ़ इच्छाशक्ति और दूरदर्शिता से सैकड़ों रियासतों को भारतीय संघ में शामिल कराने का ऐतिहासिक काम किया। आज दुनिया जिस एकजुट भारत को देख रही है, उसकी मजबूत नींव सरदार पटेल ने रखी थी।
सरदार पटेल ने कैसे बनाया अखंड भारत?
गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि आजादी के समय कई लोगों को आशंका थी कि भारत अलग-अलग रियासतों और क्षेत्रों में बंटकर रह जाएगा। उस चुनौतीपूर्ण दौर में सरदार वल्लभभाई पटेल ने असाधारण नेतृत्व का परिचय दिया।
उन्होंने राजनीतिक एकीकरण के साथ-साथ देश की एकता और अखंडता को मजबूत करने के लिए महत्वपूर्ण फैसले लिए। शाह के मुताबिक, सरदार पटेल की दूरदर्शिता और कड़े संकल्प के कारण ही आज भारत एक मजबूत राष्ट्र के रूप में खड़ा है।
नशामुक्त भारत को लेकर अमित शाह की अपील
राष्ट्रीय एकता दिवस के कार्यक्रम में अमित शाह ने देश को नशामुक्त बनाने का संकल्प भी दोहराया। उन्होंने दावा किया कि 31 मार्च 2026 तक देश नक्सलवाद की समस्या से आगे निकल चुका है और अब नशामुक्त भारत के लक्ष्य की ओर बढ़ रहा है।
उन्होंने देशवासियों से अपील की कि 31 दिसंबर 2029 तक भारत को पूरी तरह नशामुक्त बनाने के अभियान में सभी लोग अपना योगदान दें। शाह ने कहा कि नशामुक्त भारत प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विकसित भारत के सपने को साकार करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
अनुच्छेद 370 से लेकर आत्मनिर्भर भारत तक का किया जिक्र
अमित शाह ने अपने संबोधन में केंद्र सरकार की कई प्रमुख उपलब्धियों का भी उल्लेख किया। उन्होंने अनुच्छेद 370 हटाने, जम्मू-कश्मीर के पूर्ण एकीकरण, नक्सलवाद के खिलाफ कार्रवाई और ‘एक राष्ट्र, एक कर’ व्यवस्था को महत्वपूर्ण कदम बताया।
उन्होंने कहा कि भारत की भाषाई, सांस्कृतिक और पारंपरिक विविधता देश की कमजोरी नहीं, बल्कि उसकी सबसे बड़ी ताकत है। सरदार पटेल ने भी हमेशा राष्ट्रीय एकता और अखंडता पर जोर दिया था।
सोमनाथ मंदिर के पुनर्निर्माण में भी थी सरदार पटेल की भूमिका
गृह मंत्री ने सरदार पटेल के योगदान को याद करते हुए सोमनाथ मंदिर के पुनर्निर्माण का भी जिक्र किया। उन्होंने बताया कि मंदिर के पुनर्निर्माण की परिकल्पना और पहल में सरदार पटेल की अहम भूमिका थी।
अमित शाह ने ‘मेक इन इंडिया’ और ‘आत्मनिर्भर भारत’ जैसी पहलों का जिक्र करते हुए कहा कि आज भारत वैश्विक स्तर पर अपनी पहचान मजबूत कर रहा है। उन्होंने सरदार पटेल की विरासत को सम्मान देने के लिए गुजरात में बनी ‘स्टैच्यू ऑफ यूनिटी’ का भी उल्लेख किया।
राष्ट्रीय एकता दिवस पर दिलाई गई शपथ
कार्यक्रम के दौरान अमित शाह ने मौजूद लोगों को राष्ट्रीय एकता दिवस की शपथ दिलाई। देश के अलग-अलग हिस्सों में भी रन फॉर यूनिटी समेत कई कार्यक्रम आयोजित किए गए।
इस अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के भी देशभर के पुलिस बलों की परेड का निरीक्षण करने और राष्ट्रीय एकता का संदेश देने का कार्यक्रम निर्धारित था।
सरदार वल्लभभाई पटेल की जयंती हर साल देश की एकता, अखंडता और संप्रभुता के प्रति समर्पण का संदेश देती है। उनका जीवन आज भी यह प्रेरणा देता है कि मजबूत इच्छाशक्ति और एकजुट प्रयासों से किसी भी बड़ी चुनौती का सामना किया जा सकता है।



