जोशीमठ हेलीकॉप्टर हादसे में 6 की मौत, पायलट समेत सभी मृतकों की हुई पहचान; कोई पुलिस इंस्पेक्टर तो कोई था वकील

उत्तराखंड के चमोली जिले में जोशीमठ के पास हुए दर्दनाक हेलीकॉप्टर हादसे में पायलट समेत छह लोगों की मौत हो गई। इस हादसे में जान गंवाने वाले पांचों यात्री आपस में दोस्त थे और कर्नाटक के रहने वाले थे। सभी बद्रीनाथ धाम की तीर्थयात्रा पर आए थे। हादसे के बाद पूरे इलाके में हड़कंप मच गया।
पुलिस इंस्पेक्टर समेत पांचों दोस्त थे मृतक
हादसे में जान गंवाने वालों की पहचान अरुण सालुंके, एचएस नटराज (51), के सुधीर (39), शंकर गौड़ा (34) और बी प्रताप गौड़ा (41) के रूप में हुई है। पांचों कर्नाटक के निवासी थे। वहीं, हेलीकॉप्टर के पायलट कैप्टन हिमांशु सभरवाल (48) की भी दुर्घटना में मौत हो गई।
कोई पुलिस अधिकारी तो कोई बिजनेसमैन और वकील
मृतकों में अरुण सालुंके कर्नाटक पुलिस में अधिकारी थे। वह बेलगावी जिले के अथानी तालुका स्थित अरताल गांव के रहने वाले थे और सेंट्रल क्राइम ब्रांच के विशेष जांच दस्ते में तैनात थे।
वहीं, एचएस नटराज बिजनेसमैन थे। बी प्रताप गौड़ा सिविल कॉन्ट्रैक्टर के तौर पर काम करते थे, जबकि के सुधीर और शंकर गौड़ा पेशे से वकील थे।
पत्नी से कहा था- रात 8 बजे तक घर पहुंच जाऊंगा
हादसे से कुछ समय पहले बी प्रताप गौड़ा ने अपनी पत्नी दीक्षिता से फोन पर बातचीत की थी। इस दौरान उन्होंने भरोसा दिलाया था कि वह रात आठ बजे तक बेंगलुरु पहुंच जाएंगे।
टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के मुताबिक, दीक्षिता के भाई प्रज्वल ने बताया कि बातचीत के दौरान प्रताप गौड़ा ने कहा था कि वह फ्लाइट में बैठेंगे और शाम सात से आठ बजे तक घर पहुंच जाएंगे। लेकिन यह उनकी पत्नी और परिवार के साथ आखिरी बातचीत साबित हुई।
उड़ान के कुछ मिनट बाद टूटा संपर्क
जानकारी के मुताबिक, पांचों दोस्त बुधवार को उत्तराखंड पहुंचे थे। वे बद्रीनाथ से देहरादून के बीच हेलीकॉप्टर यात्रा पर थे। उड़ान भरने के कुछ ही मिनट बाद हेलीकॉप्टर का एयर ट्रैफिक कंट्रोल (ATC) और रेडियो संपर्क टूट गया था।
इसके बाद शुक्रवार दोपहर ज्योतिर्मठ के मारवाड़ी क्षेत्र में हाथी पर्वत के पास हेलीकॉप्टर दुर्घटनाग्रस्त हो गया। यह हेलीकॉप्टर ट्रांस भारत एविएशन प्राइवेट लिमिटेड का बताया गया है।
कई टुकड़ों में मिला हेलीकॉप्टर, रेस्क्यू जारी
हादसे के बाद सामने आई तस्वीरों और वीडियो में हेलीकॉप्टर का मलबा कई टुकड़ों में बिखरा दिखाई दिया। इसके कुछ हिस्से आग लगने के कारण जली हुई हालत में मिले।
दुर्गम पहाड़ी इलाका और कठिन रास्ते होने की वजह से बचाव अभियान में काफी मुश्किलें आईं। छह लोगों के शव निकालने के लिए शनिवार को भी रेस्क्यू ऑपरेशन जारी रहा। राहत और बचाव दल को घटनास्थल तक पहुंचने में काफी मशक्कत करनी पड़ी।



