
आइची-नागोया। एशियन गेम्स 2026 में भारत की 23 वर्षीय गोल्फर प्रणवी उर्स ने इतिहास रच दिया। उन्होंने महिलाओं की व्यक्तिगत गोल्फ स्पर्धा में स्वर्ण पदक जीतकर यह उपलब्धि हासिल करने वाली पहली भारतीय महिला गोल्फर बनने का गौरव हासिल किया। प्रणवी ने फाइनल राउंड में एक स्ट्रोक की बढ़त कायम रखते हुए 15-अंडर 265 के कुल स्कोर के साथ गोल्ड अपने नाम किया।
मैसूर की रहने वाली प्रणवी ने फाइनल राउंड की शुरुआत बढ़त के साथ की थी, लेकिन तीसरे होल पर ट्रिपल बोगी के कारण उनकी बढ़त खत्म हो गई। इसके बाद उन्होंने शानदार वापसी करते हुए तीन बर्डी लगाईं। फाइनल राउंड में उनका स्कोर ईवन-पार 70 रहा और उन्होंने आखिरी होल पर पार हासिल कर एक शॉट की बढ़त से मुकाबला अपने नाम किया।
यह एशियन गेम्स में भारतीय महिला गोल्फ का पहला व्यक्तिगत स्वर्ण पदक है। इससे पहले भारत की ओर से पुरुष वर्ग में शिव कपूर ने 2002 के बुसान एशियन गेम्स में गोल्ड जीता था। प्रणवी की जीत के साथ भारत को गोल्फ में व्यक्तिगत स्वर्ण के लिए 24 साल का इंतजार भी खत्म हुआ।
टीम स्पर्धा में भी भारत को सिल्वर
प्रणवी उर्स ने व्यक्तिगत गोल्ड के साथ टीम स्पर्धा में भी भारत को रजत पदक दिलाने में अहम भूमिका निभाई। प्रणवी, अदिति अशोक और दीक्षा डागर की भारतीय टीम ने कुल 14-अंडर 546 का स्कोर किया और दूसरे स्थान पर रही। चीन ने 22-अंडर 538 के स्कोर के साथ स्वर्ण पदक जीता।
अदिति अशोक ने फाइनल राउंड में 67 और दीक्षा डागर ने 77 का स्कोर किया। इस तरह प्रणवी ने एशियन गेम्स में व्यक्तिगत गोल्ड और टीम सिल्वर, दोनों पदक अपने नाम कर भारत के लिए ऐतिहासिक प्रदर्शन किया।
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