NEET पेपर लीक पर छत्तीसगढ़ में सियासी संग्राम, रायपुर में भाजपा-कांग्रेस आमने-सामने; पुलिस ने छोड़ी आंसू गैस

रायपुर/बिलासपुर: नीट (NEET) पेपर लीक मामले को लेकर दिल्ली में चल रहे राजनीतिक विरोध का असर अब छत्तीसगढ़ में भी देखने को मिला। राजधानी रायपुर में भाजपा और कांग्रेस के कार्यकर्ता आमने-सामने आ गए, जिससे तनावपूर्ण स्थिति बन गई। हालात को नियंत्रित करने के लिए पुलिस को आंसू गैस के गोले छोड़ने और वाटर कैनन का इस्तेमाल करना पड़ा। वहीं बिलासपुर में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने प्रधानमंत्री का पुतला दहन कर केंद्र सरकार के खिलाफ प्रदर्शन किया।
रायपुर में दिल्ली में प्रधानमंत्री आवास के सामने राहुल गांधी और प्रियंका गांधी वाड्रा के प्रदर्शन के विरोध में भाजपा कार्यकर्ताओं ने कांग्रेस मुख्यालय राजीव भवन की ओर कूच किया। भाजपा ने इसे प्रधानमंत्री की सुरक्षा में सेंध लगाने का मामला बताते हुए विरोध प्रदर्शन किया। दूसरी ओर कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने दिल्ली में राहुल गांधी और प्रियंका गांधी के खिलाफ हुई पुलिस कार्रवाई के विरोध में भाजपा कार्यालय एकात्म परिसर की ओर मार्च निकाला।
कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस ने पहले से व्यापक सुरक्षा इंतजाम किए थे। शंकर नगर क्षेत्र में बैरिकेडिंग कर प्रदर्शनकारियों को रोकने की व्यवस्था की गई थी, जबकि भाजपा और कांग्रेस कार्यालयों के आसपास बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया था। राजीव भवन के सामने दोनों दलों के कार्यकर्ता आमने-सामने आ गए, जिससे माहौल तनावपूर्ण हो गया। स्थिति बिगड़ती देख पुलिस ने भीड़ को तितर-बितर करने के लिए आंसू गैस के गोले छोड़े और वाटर कैनन से पानी की तेज बौछार की।
उधर बिलासपुर में भी कांग्रेस ने दिल्ली में छात्रों के प्रदर्शन पर कथित पुलिस कार्रवाई और पार्टी के राष्ट्रीय नेताओं को हिरासत में लिए जाने के विरोध में प्रदर्शन किया। कांग्रेस कार्यकर्ता तिलक नगर स्थित कांग्रेस भवन से पदयात्रा निकालकर नेहरू चौक पहुंचे, जहां केंद्रीय शिक्षा मंत्री और केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए प्रधानमंत्री का पुतला दहन किया।
कांग्रेस का आरोप है कि दिल्ली में छात्रों के शांतिपूर्ण आंदोलन पर बल प्रयोग किया गया और कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे, लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी, सांसद प्रियंका गांधी सहित कई वरिष्ठ नेताओं को हिरासत में लिया गया। इसी के विरोध में प्रदेशभर में प्रदर्शन आयोजित किए गए। पूरे घटनाक्रम के बाद प्रदेश का राजनीतिक माहौल गर्मा गया है और भाजपा तथा कांग्रेस के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर जारी है।



