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सुशासन तिहार: सरोधी की चौपाल में दिखा बदलाव का भरोसा

रायपुर,  सुशासन तिहार के अंतर्गत आयोजित चौपाल कार्यक्रम अब केवल प्रशासनिक पहल भर नहीं रह गए हैं, बल्कि ये ग्रामीण जीवन में हो रहे सकारात्मक बदलावों के प्रभावी मंच के रूप में उभर रहे हैं। खैरागढ़-छुईखदान-गण्डई जिले के ग्राम सरोधी में आयोजित चौपाल में शासन की योजनाओं का प्रभाव सीधे जनजीवन में दिखाई दिया।

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की उपस्थिति में आयोजित इस चौपाल में ग्रामीणों से संवाद के दौरान एक किसान परिवार की असाधारण कहानी सामने आई। ग्राम सरोधी की निवासी श्रीमती केकती मरावी के जीवन में शासकीय योजनाओं से हुए लाभ से एक सकारात्मक बदलाव आया है।
तीन बच्चों के साथ सीमित संसाधनों में जीवनयापन कर रही केकती बाई के लिए आर्थिक चुनौतियां पहले सामान्य बात थीं। खेती-किसानी पर निर्भर इस परिवार के लिए रोजमर्रा की जरूरतें भी कई बार बोझ बन जाती थीं। ऐसे में महतारी वंदन योजना उनके लिए सहारा बनकर सामने आई, जिससे घरेलू खर्चों में स्थायित्व आया है और छोटी-छोटी जरूरतों के लिए दूसरों पर निर्भरता कम हुई है।

केकती बाई का योगदान केवल अपने परिवार तक सीमित नहीं है। वे पिछले दो वर्षों से “स्वच्छता दीदी” के रूप में भी कार्यरत हैं, जिससे उन्हें नियमित अतिरिक्त आय प्राप्त हो रही है। इसके साथ ही उज्ज्वला योजना के तहत निःशुल्क गैस सिलेंडर मिलने से उनके घर की रसोई व्यवस्था में बदलाव आया है धुएं से मुक्ति मिली है।

जय मां बंजारी महिला स्व सहायता समूह की अध्यक्ष के रूप में वे अन्य महिलाओं को स्वरोजगार और आत्मनिर्भरता की दिशा में प्रेरित कर रही हैं। समूह को प्राप्त अनुदान ने न केवल उनकी आर्थिक स्थिति को मजबूत किया है, बल्कि गांव की अन्य महिलाओं के लिए भी नए अवसरों के द्वार खोले हैं। चौपाल में अपनी बात रखते हुए केकती बाई ने बताया कि आज उनका परिवार की स्थिति पहले से अधिक बेहतर हुई है। उन्होंने राज्य सरकार के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि योजनाओं ने उनके जीवन को नई दिशा दी है।

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