हमर छत्तीसगढ़

महिला सशक्तिकरण की मिसाल बनीं जुनवानी की बिहान दीदियां

  • रक्षाबंधन पर 6 स्व-सहायता समूहों की महिलाएं बना रहीं बीज और फैंसी राखियां, अब तक डेढ़ लाख रुपये की बिक्री
  • महतारी वंदन की राशि को आजीविका में लगाया, बीज राखियों से पर्यावरण संरक्षण का संदेश

रायपुर, 

महिला सशक्तिकरण की मिसाल बनीं जुनवानी की बिहान दीदियां
महिला सशक्तिकरण की मिसाल बनीं जुनवानी की बिहान दीदियां
महिला सशक्तिकरण की मिसाल बनीं जुनवानी की बिहान दीदियां
महिला सशक्तिकरण की मिसाल बनीं जुनवानी की बिहान दीदियां

रक्षाबंधन के अवसर पर ग्राम जुनवानी की बिहान दीदियों ने भाई-बहन के रिश्ते को आजीविका से जोड़ते हुए नई पहल की है। गांव के 6 स्व-सहायता समूहों की महिलाएं बीज और फैंसी राखियां तैयार कर रही हैं। अब तक करीब डेढ़ लाख रुपये की राखियों की बिक्री हो चुकी है। बिक्री से प्राप्त राशि का उपयोग महिलाएं आगे राखी निर्माण और अन्य आजीविका गतिविधियों के विस्तार में कर रही हैं।

       समूह की महिलाओं ने बताया कि राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के तहत उन्हें आजीविका गतिविधियों के लिए आरएफ से 15 हजार रुपये की सहायता मिली। इसके साथ सीआईएफ से 60 हजार रुपये की राशि का उपयोग आर्थिक गतिविधियों के विस्तार के लिए किया गया। समूह की महिलाओं ने महतारी वंदन योजना से प्राप्त राशि को भी इस गतिविधि में लगाया और राखी निर्माण के लिए कच्चा माल खरीदा। इसके बाद महिलाओं ने मिलकर अलग-अलग डिजाइन की बीज और फैंसी राखियां तैयार कीं। बाजार में मांग के कारण इनकी बिक्री लगातार हो रही है।

       जुनवानी की बीज राखियां इस पहल की खास पहचान बनी हैं। राखी में मौजूद बीज को रक्षाबंधन के बाद मिट्टी में रोपकर पौधा तैयार किया जा सकता है। इस तरह महिलाओं द्वारा तैयार उत्पाद त्योहार के साथ पर्यावरण संरक्षण का संदेश भी दे रहे हैं।

30 किस्तों से मिला आर्थिक संबल
महतारी वंदन योजना के तहत पात्र महिलाओं को प्रतिमाह एक हजार रुपये की राशि दी जा रही है। अब तक योजना की 30 किस्तें जारी हो चुकी हैं। जुनवानी की महिलाओं ने योजना से मिली राशि का उपयोग आजीविका गतिविधि में कर राखी निर्माण शुरू किया है। इससे उन्हें अपनी मेहनत और हुनर के माध्यम से अतिरिक्त आमदनी का अवसर मिला है।

मुख्यमंत्री  के नेतृत्व में बढ़े आजीविका के अवसर
मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में राज्य शासन द्वारा महिलाओं को आर्थिक गतिविधियों से जोड़ने और आत्मनिर्भर बनाने के लिए योजनाओं का लाभ पहुंचाया जा रहा है। राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के माध्यम से बिहान की दीदियों को स्व-सहायता समूहों में संगठित कर आजीविका के अवसर उपलब्ध कराए जा रहे हैं। पीआरपी श्रीमती ऋतु बंजारे ने कहा कि जुनवानी की महिलाओं ने उपलब्ध संसाधनों और अपने हुनर का बेहतर उपयोग करते हुए राखी निर्माण को आय का माध्यम बनाया है। उन्होंने मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा, “बहनों का मान और विष्णु भैया का सम्मान, महिलाओं के सशक्तिकरण से समृद्ध छत्तीसगढ़ महान।”

Show More

Related Articles

Back to top button