
महिला टी20 विश्व कप का आगाज 12 जून से होने जा रहा है। टूर्नामेंट का पहला मुकाबला मेजबान इंग्लैंड और श्रीलंका के बीच खेला जाना है। भारतीय टीम अपने अभियान का आगाज 14 जून को पाकिस्तान के खिलाफ करेगी। आइए आपको बताते हैं कि क्यों हरमनप्रीत कौर की कप्तानी में इंग्लिश सरजमीं पर पहुंची भारतीय टीम को इस बार खिताब का प्रबल दावेदार माना जा रहा है।
भारतीय टीम का बल्लेबाजी क्रम इस बार काफी दमदार नजर आ रहा है। शेफाली वर्मा और स्मृति मंधाना बढ़िया दौर से गुजर रही हैं। इन दोनों ही सलामी बल्लेबाजों का रिकॉर्ड इंग्लैंड की धरती पर कमाल का रहा है। इसके साथ ही जेमिमा रोड्रिग्स लड़खड़ाती हुई पारी को संभालने में माहिर हैं। वहीं, कप्तान हरमनप्रीत कौर अपनी बल्लेबाजी के बूते किसी भी मैच का रुख पलटने का दमखम रखती हैं। भारतीय टीम के लिहाज से अच्छी बात यह है कि हरमनप्रीत पिछले कुछ मुकाबलों में अच्छी लय में दिखाई दी हैं।
भारतीय टीम को पिछले कुछ समय में टी20 क्रिकेट में मिली सफलता का कारण अंत के ओवरों में ऋचा घोष की तूफानी बल्लेबाजी भी रही है। वनडे विश्व कप में भी उन्होंने अहम मौकों पर लाजवाब पारी खेली थी। इंग्लैंड के खिलाफ हुए वॉर्म-अप मुकाबले में ऋचा ने सिर्फ 36 गेंदों में 68 रनों की तेज तर्रार पारी खेली। ऋचा अगर इसी फॉर्म को बरकरार रखने में सफल रहीं, तो वह विपक्षी टीम की गेंदबाजों के लिए परेशानी का सबब बन सकती हैं।
इंग्लैंड की परिस्थितियों में तेज गेंदबाजों का रोल काफी अहम माना जाता है। भारतीय टीम के पास इस बार कुछ अच्छी तेज गेंदबाज मौजूद हैं। रेणुका सिंह, क्रांति गौड़, के साथ-साथ नंदिनी शर्मा ने भी अपनी गेंदबाजी से खासा प्रभावित किया है। नंदिनी ने अपने डेब्यू मुकाबले में ही शानदार प्रदर्शन किया था। भारतीय टीम का स्पिन अटैक इस टी20 विश्व कप में टीम की सबसे बड़ी ताकत बन सकता है। श्री चरणी और राधा यादव की घूमती गेंदें बल्लेबाजों की अग्निपरीक्षा ले सकती हैं। वहीं, श्रेयंका पाटिल भी अच्छी फॉर्म में चल रही हैं। वॉर्म-अप मुकाबले में श्रेयंका ने इंग्लैंड के खिलाफ 4 ओवर के स्पेल में 29 रन देकर 2 विकेट चटकाए।



