आठवीं बार एशिया कप चैंपियन बना भारत, ट्रॉफी सेरेमनी में हुआ बड़ा विवाद

भारतीय महिला क्रिकेट टीम ने रविवार को श्रीलंका को 72 रनों से हराकर एशिया कप 2026 का खिताब अपने नाम कर लिया। इस शानदार जीत के साथ भारत ने रिकॉर्ड आठवीं बार महिला एशिया कप की ट्रॉफी जीतने का गौरव हासिल किया। हालांकि, खिताब जीतने के बाद ट्रॉफी सेरेमनी में ऐसा घटनाक्रम हुआ, जिसने मुकाबले से ज्यादा सुर्खियां बटोरीं।
मैच खत्म होने के बाद प्रेजेंटेशन सेरेमनी करीब 50 मिनट तक शुरू नहीं हो सकी। रिपोर्टों के मुताबिक, भारतीय टीम ने एशियन क्रिकेट काउंसिल (ACC) के चेयरमैन मोहसिन नकवी के बजाय ACC के उपाध्यक्ष से ट्रॉफी लेने की इच्छा जताई थी। इस प्रस्ताव पर सहमति नहीं बनने के बाद भारतीय टीम बिना ट्रॉफी लिए ही प्रेजेंटेशन सेरेमनी से अलग रही।
BCCI ने अपने फैसले को बताया स्पष्ट
विवाद पर BCCI सचिव देवजीत सैकिया ने कहा कि बोर्ड अपने पहले लिए गए रुख पर कायम है। उन्होंने बताया कि भारतीय टीम की ओर से बीच का रास्ता निकालने का प्रयास किया गया था और ACC के डिप्टी चेयरमैन से ट्रॉफी सौंपने का अनुरोध किया गया था, लेकिन इसे स्वीकार नहीं किया गया।
सैकिया के मुताबिक, ऐसी स्थिति में भारतीय टीम के पास प्रेजेंटेशन सेरेमनी में शामिल नहीं होने के अलावा कोई दूसरा विकल्प नहीं था। उन्होंने यह भी कहा कि बोर्ड उन लोगों के सम्मान में अपने रुख पर कायम है, जिन्होंने विदेशी भाड़े के सैनिकों के हाथों अपनी जान गंवाई है।
कोच अमोल मजूमदार भी BCCI के स्टैंड के साथ
भारतीय महिला टीम के मुख्य कोच अमोल मजूमदार ने भी ट्रॉफी नहीं लेने के फैसले का समर्थन किया। उन्होंने कहा कि यह फैसला BCCI का है और टीम उसके साथ खड़ी है। कोच के मुताबिक, टीम के लिए सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि भारत एशिया कप 2026 का चैंपियन है।
मजूमदार ने कहा कि टूर्नामेंट उनके लिए समाप्त हो चुका है और अब टीम आगे होने वाले एशियन गेम्स की तैयारी पर ध्यान देगी।
मैच के बाद खिलाड़ियों को BCCI ने दिया सम्मान
प्रेजेंटेशन सेरेमनी से पहले भारतीय टीम अपने ड्रेसिंग रूम और टीम सदस्यों के साथ जीत का जश्न मनाती नजर आई। हेड कोच अमोल मजूमदार ने खिलाड़ियों को संबोधित किया। वहीं BCCI सचिव देवजीत सैकिया और उपाध्यक्ष राजीव शुक्ला ने तेज गेंदबाज नंदनी शर्मा को ‘फील्डर ऑफ द मैच’ का मेडल प्रदान किया। नंदनी ने मुकाबले में दो महत्वपूर्ण कैच पकड़े थे।
भारत की इस ऐतिहासिक जीत ने महिला क्रिकेट में टीम की बादशाहत को एक बार फिर साबित किया, हालांकि खिताब जीतने के बाद हुई ट्रॉफी सेरेमनी का विवाद अब क्रिकेट जगत में चर्चा का बड़ा विषय बन गया है।



