दिल्ली में अब बंद होंगी ये गाड़ियां! आपकी गाड़ी का क्या होगा? बदले सारे नियम

Delhi Old Vehicles Scrappage : दिल्ली-NCR में हवा को ज़हरीला बना रहे पुराने ट्रकों और बसों को सड़कों से हटाने के लिए केंद्र सरकार ने एक बड़ा कदम उठाया है। बुधवार को केंद्रीय कैबिनेट ने 9,585 करोड़ रुपये की एक स्कीम को मंजूरी दी, जिसका मकसद इन पुरानी गाड़ियों को बदलना है।
इस स्कीम का पैसा नेशनल कैपिटल रीजन प्लानिंग बोर्ड (NCRPB) के जरिए दिया जाएगा, जो आवास और शहरी मामलों के मंत्रालय (MoHUA) के तहत आता है। इसे लागू करने की ज़िम्मेदारी पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय (MoPNG) और सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय (MoRTH) की होगी।
दिल्ली, हरियाणा, राजस्थान और उत्तर प्रदेश पर होगा असर
कैबिनेट की प्रेस रिलीज़ के मुताबिक, इस योजना में दिल्ली, हरियाणा, राजस्थान और उत्तर प्रदेश की सरकारें भी सहयोग करेंगी। इसका लक्ष्य 1.91 लाख ट्रक और 16,329 बसों को सड़कों से हटाना है। इस स्कीम का मकसद दिल्ली-NCR में रजिस्टर्ड उन ट्रक और बसों के मालिकों को फायदा पहुंचाना है, जो BS-IV या उससे भी पुराने एमिशन नॉर्म्स वाले हैं। उन्हें अपनी पुरानी गाड़ी की जगह BS-VI या उससे बेहतर एमिशन स्टैंडर्ड वाली गाड़ी या फिर इलेक्ट्रिक व्हीकल (EV) खरीदने के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा।”
इस पूरी स्कीम का कुल बजट 9,585 करोड़ रुपये है। इसमें से 5,041 करोड़ रुपये केंद्र सरकार देगी, जबकि करीब 1,601 करोड़ रुपये की टैक्स छूट राज्य सरकारों की तरफ से मिलेगी। उम्मीद है कि इस कदम से साफ-सुथरी गाड़ियों का इस्तेमाल बढ़ेगा, जिससे दिल्ली-NCR की हवा में सुधार होगा और प्रदूषण में बड़ी कमी आएगी।
मालिकों को क्या फायदे मिलेंगे?
- केंद्र सरकार 5 साल के लिए लोन पर 5% की ब्याज सब्सिडी देगी। गाड़ी की कैटेगरी के हिसाब से हर महीने 4,800 रुपये तक के फ्यूल वाउचर मिलेंगे
- लसाथ ही, EV खरीदने या सर्टिफिकेट ऑफ डिपॉजिट ट्रेडिंग पर एकमुश्त फायदा भी दिया जाएगा।
- राज्य सरकारें नई गाड़ियों पर रजिस्ट्रेशन फीस माफ करेंगी और 10 साल के लिए मोटर व्हीकल टैक्स में 100% तक की छूट देंगी। पुरानी गाड़ियों पर
- 50% की छूट मिलेगी। इसके अलावा, स्कीम में शामिल होने वाली पुरानी गाड़ियों पर जो भी देनदारियां बाकी हैं, उन्हें भी राज्य सरकारें माफ कर देंगी।
- गाड़ियां बनाने वाली कंपनियां (OEMs) भी एक्स-शोरूम कीमत पर 8% का डिस्काउंट देंगी।
कैसे काम करेगी स्कीम?
- पूरी प्रक्रिया एक इंटीग्रेटेड पोर्टल के जरिए डिजिटल होगी। इससे गाड़ी मालिक की योग्यता की जांच, ब्याज सब्सिडी के क्लेम और फ्यूल वाउचर का क्रेडिट सब कुछ ऑटोमैटिक और रियल-टाइम में होगा। केंद्र सरकार के फायदे नई गाड़ी के रजिस्ट्रेशन की तारीख से 5 साल तक मिलते रहेंगे।
- एक अनुमान के मुताबिक, “एक BS-I, II या III वाली भारी गाड़ी उतना प्रदूषण करती है, जितना 14 BS-VI गाड़ियां मिलकर करती हैं। यहां तक कि एक BS-IV गाड़ी भी BS-VI गाड़ी के मुकाबले 2.7 गुना ज़्यादा प्रदूषण फैलाती है।”
- स्कीम के तहत, “BS-III या उससे पुरानी गाड़ियों को रजिस्टर्ड व्हीकल स्क्रैपिंग फैसिलिटी में स्क्रैप कराना यानी कटवाना ज़रूरी होगा।” वहीं, “BS-IV गाड़ियों को या तो स्क्रैप कराया जा सकता है या फिर NCR के बाहर उन शहरों में बेचा जा सकता है जो NCAP (नेशनल क्लीन एयर प्रोग्राम) में शामिल नहीं हैं।”
- इसके बाद मालिकों को NCR में ही BS-VI या उससे बेहतर नॉर्म्स वाली या इलेक्ट्रिक गाड़ी खरीदकर रजिस्टर करानी होगी।



