सोने और चांदी की कीमतों में फिर से आई गिरावट, जानिए आज के लेटेस्ट रेट्स

भारतीय कमोडिटी मार्केट में शुक्रवार को भी सोने और चांदी की कीमतों में भारी गिरावट देखने को मिली है। विदेशी बाजारों से मिले बेहद कमजोर संकेतों और स्थानीय बाजार में मांग घटने से यह बड़ी स्थिति बनी है। अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव और फेडरल रिजर्व के फैसलों का भी सीधा असर भारतीय सर्राफा बाजार पर बहुत तेजी से पड़ रहा है। लगातार चौथे दिन सोने के भाव गिरने से आम खरीदारों को आज थोड़ी राहत जरूर महसूस हुई है।
अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी इस पूरे हफ्ते सोने की कीमतों में भारी गिरावट का दबाव लगातार बना हुआ है। मिडिल ईस्ट में तनाव के कारण अमेरिका में महंगाई बढ़ने की आशंका है जिससे फेडरल रिजर्व ब्याज दरें बढ़ा सकता है। सिंगापुर में सुबह स्पॉट गोल्ड गिरकर 4,123.22 डॉलर प्रति औंस पर आ गया है जिसमें इस हफ्ते 1.3% की बड़ी गिरावट आई है। बाजार के निवेशकों और आम खरीदारों की नजरें अब पूरी तरह से भविष्य के सभी अहम आर्थिक बदलावों पर टिकी हुई हैं।
MCX बाजार में आज सुबह के कारोबार में अगस्त डिलीवरी वाले सोने की कीमतों में भारी कमी दर्ज की गई। आज सोना 0.30 प्रतिशत टूटकर 1,44,861 रुपये प्रति 10 ग्राम के निचले स्तर पर आ गया है। पिछले कुछ दिनों से लगातार जारी इस भारी गिरावट के कारण सोने के खरीदारों के लिए यह एक बहुत ही अच्छा मौका बन गया है। पिछले साल ईरान युद्ध शुरू होने के बाद से सोने की कीमतें 20 प्रतिशत से ज्यादा तक गिर चुकी हैं।
सोने के साथ-साथ आज चांदी की कीमतों में भी भारी सुस्ती और गिरावट का रुख लगातार देखने को मिल रहा है। MCX पर सितंबर डिलीवरी वाली चांदी 0.11 प्रतिशत की मामूली गिरावट के साथ 2,26,137 रुपये प्रति किलोग्राम पर आ गई है। हालांकि अंतरराष्ट्रीय बाजार में स्पॉट सिल्वर 0.1 प्रतिशत की मामूली तेजी के साथ 59.91 डॉलर प्रति औंस पर पहुंच गई है। घरेलू बाजार में इंडस्ट्रियल मांग घटने से चांदी के दामों में यह बड़ी नरमी छाई हुई है।
सोने की कीमतों में इस भारी गिरावट के पीछे अमेरिका और ईरान के बीच चल रहा भीषण युद्ध मुख्य कारण है। मिडिल ईस्ट में तनाव बढ़ने से होर्मुज संकट गहरा गया है और ऊर्जा संसाधनों की आवाजाही काफी प्रभावित हुई है। इसके अलावा फेडरल रिजर्व द्वारा ब्याज दरें ऊंची रखने की पूरी संभावना ने भी सोने पर भारी दबाव बढ़ा दिया है। न्यूयॉर्क फेड के चेयरमैन ने महंगाई बढ़ने के पीछे एआई से पैदा होने वाली भारी मांग को एक बड़ा कारण बताया है।
विशेषज्ञों का मानना है कि केंद्रीय बैंकों की भारी खरीदारी सोने के लिए एक अहम और बड़ा सहारा बनी हुई है। चीन के पीपुल्स बैंक ने हाल ही में अधिक सोना खरीदा है जिससे 2015 के बाद से उसकी सबसे लंबी खरीदारी जारी है। एचएसबीसी के एनालिस्ट के अनुसार 2026 के लिए सोने की औसत कीमत 4,560 डॉलर प्रति औंस रहने का अनुमान है। मजबूत अमेरिकी डॉलर भी आने वाले समय में सोने की तेज रफ्तार में एक बहुत बड़ी बाधा बन सकता है।



