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यूपी बोर्ड परीक्षा 2027: प्रयागराज में परीक्षा केंद्रों के चयन की तैयारी तेज, शिकायत वाले स्कूलों को नहीं मिलेगी जगह

प्रयागराज: यूपी बोर्ड हाईस्कूल और इंटरमीडिएट परीक्षा-2027 को नकलविहीन और शांतिपूर्ण तरीके से कराने के लिए प्रयागराज जिला प्रशासन ने तैयारियां शुरू कर दी हैं। इस बार परीक्षा केंद्रों के निर्धारण में विद्यालयों की व्यवस्थाओं, उपलब्ध संसाधनों और उनकी पिछली छवि को विशेष महत्व दिया जाएगा। जिलाधिकारी मनीष कुमार वर्मा ने निर्देश दिया है कि जिन विद्यालयों के खिलाफ पहले अनियमितता या अन्य शिकायतें मिल चुकी हैं, उन्हें परीक्षा केंद्र बनाने से बचा जाए।

प्रस्तावित परीक्षा केंद्रों पर मिली आपत्तियों की समीक्षा

शुक्रवार को संगम सभागार में जिलाधिकारी की अध्यक्षता में जनपदीय केंद्र निर्धारण समिति की बैठक आयोजित की गई। इसमें माध्यमिक शिक्षा परिषद, उत्तर प्रदेश की ओर से आयोजित होने वाली हाईस्कूल और इंटरमीडिएट परीक्षा-2027 के लिए प्रस्तावित केंद्रों पर चर्चा हुई।

बैठक में परिषद के पोर्टल के माध्यम से प्राप्त आपत्तियों और जिला विद्यालय निरीक्षक कार्यालय में दर्ज शिकायतों की समीक्षा भी की गई। अधिकारियों को निर्देश दिया गया कि सभी आपत्तियों का उचित परीक्षण करने के बाद ही केंद्र निर्धारण की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जाए।

एसडीएम करेंगे विद्यालयों का स्थलीय निरीक्षण

जिलाधिकारी ने जिला विद्यालय निरीक्षक संतोष कुमार राय को निर्देश दिया कि प्रस्तावित परीक्षा केंद्रों की सूची सभी उपजिलाधिकारियों को उपलब्ध कराई जाए। इसके बाद संबंधित एसडीएम अपने-अपने तहसील क्षेत्रों में विद्यालयों का मौके पर जाकर निरीक्षण करेंगे।

निरीक्षण के दौरान विद्यालयों में उपलब्ध संसाधनों, परीक्षा कराने के लिए जरूरी सुविधाओं और संस्थान की पिछली छवि का आकलन किया जाएगा। प्रशासन का उद्देश्य ऐसे विद्यालयों को ही परीक्षा केंद्र बनाना है, जहां परीक्षाएं निष्पक्ष और व्यवस्थित तरीके से कराई जा सकें।

नकल रोकने के लिए नियमों का सख्ती से पालन

डीएम मनीष कुमार वर्मा ने स्पष्ट किया कि परीक्षा केंद्रों का चयन पूरी पारदर्शिता के साथ किया जाना चाहिए। जिन विद्यालयों के खिलाफ पहले नकल, अव्यवस्था या अन्य अनियमितताओं की शिकायतें सामने आई हैं, उन्हें केंद्र बनाने पर विशेष सावधानी बरती जाए।

उन्होंने अधिकारियों को यह भी याद दिलाया कि यूपी बोर्ड परीक्षा नकल निवारण अधिनियम-2024 के दायरे में होगी। ऐसे में केंद्र निर्धारण से लेकर परीक्षा संचालन तक किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

बैठक में मुख्य विकास अधिकारी हर्षिका सिंह, जिला विद्यालय निरीक्षक संतोष कुमार राय और केंद्र निर्धारण समिति के अन्य संबंधित अधिकारी मौजूद रहे। प्रशासन की ओर से आपत्तियों की जांच और विद्यालयों के निरीक्षण के बाद परीक्षा केंद्रों को अंतिम रूप देने की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जाएगी।

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