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Diwali 2026: दिवाली पर लक्ष्मी-गणेश की मूर्ति खरीदते समय न करें ये 6 गलतियां

Diwali 2026: दिवाली का त्योहार मां लक्ष्मी और भगवान गणेश की पूजा के बिना अधूरा माना जाता है। इस साल 9 नवंबर, सोमवार को दिवाली मनाई जाएगी। त्योहार की तैयारियों के बीच बाजारों में लक्ष्मी-गणेश की आकर्षक प्रतिमाओं की खरीदारी भी शुरू हो जाती है। हालांकि, पूजा के लिए मूर्ति खरीदते समय केवल उसकी सुंदरता ही नहीं, बल्कि उसके स्वरूप और बनावट का भी ध्यान रखना चाहिए।

धार्मिक मान्यताओं और वास्तु शास्त्र के अनुसार, लक्ष्मी-गणेश की प्रतिमा खरीदते समय कुछ विशेष बातों का ध्यान रखना शुभ माना जाता है। आइए जानते हैं दिवाली पूजन के लिए मूर्ति खरीदते समय किन बातों को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए।

1. बैठी हुई मुद्रा वाली प्रतिमा खरीदें

दिवाली पूजन के लिए मां लक्ष्मी और भगवान गणेश की बैठी हुई मुद्रा वाली प्रतिमा को प्राथमिकता दी जाती है। मान्यता है कि मां लक्ष्मी का कमल पर विराजमान होना घर में सुख-समृद्धि और स्थिरता का प्रतीक है।

2. दोनों की अलग-अलग मूर्तियां लें

बाजार में लक्ष्मी-गणेश की संयुक्त प्रतिमाएं भी मिलती हैं, लेकिन दिवाली पूजन के लिए दोनों की अलग-अलग मूर्तियां खरीदने की परंपरा है। इससे पूजा में दोनों देवताओं को अलग-अलग स्थापित कर विधि-विधान से आराधना की जा सकती है।

3. गणेश जी की सूंड पर दें विशेष ध्यान

भगवान गणेश की प्रतिमा खरीदते समय उनकी सूंड की दिशा जरूर देखें। मान्यता के अनुसार, घर में पूजा के लिए बाईं ओर मुड़ी सूंड वाले गणेश जी की प्रतिमा शुभ मानी जाती है। इसके साथ ही प्रतिमा में उनके हाथ में मोदक और पास में मूषक का होना भी देखा जाता है।

4. कमल पर विराजमान हों मां लक्ष्मी

मां लक्ष्मी की ऐसी प्रतिमा चुनें, जिसमें वे कमल के फूल पर विराजमान हों। उनके एक हाथ में आशीर्वाद देने की मुद्रा और दूसरे हाथ से स्वर्ण मुद्राओं की वर्षा होती दिखाई दे। धार्मिक मान्यताओं में इस स्वरूप को धन, वैभव और खुशहाली का प्रतीक माना जाता है।

5. मिट्टी की मूर्ति को दें प्राथमिकता

दिवाली पर पूजा के लिए मिट्टी से बनी प्रतिमाएं खरीदना अच्छा माना जाता है। इसके अलावा श्रद्धालु अपनी पसंद और परंपरा के अनुसार पीतल, चांदी या अष्टधातु की मूर्तियां भी खरीद सकते हैं।

6. खंडित प्रतिमा खरीदने से बचें

मूर्ति खरीदने से पहले उसकी अच्छी तरह जांच कर लें। कहीं से प्रतिमा टूटी, चटकी या क्षतिग्रस्त नहीं होनी चाहिए। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, पूजा के लिए हमेशा साफ-सुथरी और सही अवस्था वाली प्रतिमा का चयन करना चाहिए।

दिवाली पूजा का महत्व

दिवाली पर मां लक्ष्मी को धन और समृद्धि की देवी, जबकि भगवान गणेश को विघ्नहर्ता और शुभता का प्रतीक माना जाता है। मान्यता है कि इस दिन विधि-विधान से दोनों की पूजा करने से घर में सुख, शांति और खुशहाली आती है। इसलिए मूर्ति खरीदते समय श्रद्धा के साथ इन जरूरी बातों का ध्यान रखना चाहिए।

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